विधान मंडल का शीतकालीन सत्र कल से, सरकार को घेरने के लिए रणनीति बनाएगी सपा
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विधान मंडल के मंगलवार से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। इसके लिए सत्तापक्ष व विपक्ष ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। विपक्ष की तैयारी जहां महिला सुरक्षा, किसानों की बदहाली और नागरिकता संशोधन कानून (सीएबी) जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की है वहीं, सत्तापक्ष ने विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बनाने के लिए सोमवार शाम पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में विपक्ष के तर्कों की काट की रणनीति बनाई जाएगी।
दरअसल, इस सत्र में सरकार को अनुपूरक बजट भी पारित कराना है। इसको लेकर सत्तापक्ष सोमवार को बैठक में रणनीति बनाएगा। विपक्ष के तेवरों को देखते हुए पार्टी की तरफ से विधायकों को सदन में मौजूद रहने और विपक्षी सदस्यों के हमलों का सावधानी और शालीनता से जवाब देने के निर्देश देने की संभावना है।
सत्तापक्ष के रणनीतिकारों की कोशिश होगी कि सदन में उनकी तरफ से कोई भी ऐसी परिस्थिति न पैदा होने पाए जिससे सरकार निशाने पर आए। सरकार के कार्यकाल के लगभग पौने तीन वर्ष बीत चुके हैं। इस स्थिति में रणनीतिकारों को भी पता है कि उनके कामकाज को लेकर सवाल उठ सकते हैं। साथ ही गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न करने और धान खरीद न होने जैसे मुद्दों पर सरकार पर सवाल उठाए जा सकते हैं। इसका जवाब देने के लिए विधायकों को टिप्स दिए जाएंगे।
विपक्ष की यह तैयारी
समाजवादी पार्टी विधानमंडल दल की बैठक सोमवार को पार्टी मुख्यालय में होगी। सूत्रों की मानें तो सपा महिला सुरक्षा, बदहाल कानून-व्यवस्था और किसानों की बदहाली पर सरकार को घेरेगी।
पिछले दिनों उन्नाव में लड़की को जलाने की घटना, कानपुर में दुष्कर्म के आरोपियों पर मुकदमा दर्ज न होने से खिन्न होकर एक लड़की के आत्महत्या करने का मामला, फतेहपुर में लड़की को जिंदा जलाने की घटना, मैनपुरी में 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और हत्या जैसी कई घटनाओं को लेकर सपा ही नहीं कांग्रेस और बसपा ने तीखे तेवर दिखाए हैं।
बसपा विधानमंडल की बैठक सोमवार शाम विधानभवन स्थित कार्यालय में होगी। बसपा महिलाओं के प्रति अपराध व किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी।
नागरिकता संशोधन कानून भी मुद्दा
संशोधित नागरिकता कानून केंद्र सरकार ने बनाया है पर, सपा, बसपा और कांग्रेस की तरफ से सत्तापक्ष को जवाब देना पड़ सकता है। इसका कारण है कि प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर पाकिस्तान से आए हिंदुओं, सिखों और जैनियों की नागरिकता की मांग उठती रही है। साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने का मामला भी प्रदेश में बड़ा मुद्दा रहा है।
सर्वदलीय बैठक आज
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के सुचारु संचालन के लिए विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के साथ ही विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे।