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अधीनस्थ में हर बार प्रारंभिक परीक्षा की बाध्यता हुई खत्म, यूपीएसएसएससी ने नई प्रक्रिया को दी मंजूरी

Sat, 07 Mar 2020 11:06 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 07 Mar 2020 11:06 AM IST
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Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission approved the new procedure
यूपीएसएसएससी - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी है। आयोग की भर्ती के लिए अब अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा नहीं देनी होगी। उसे प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पेट-प्रीलिमिनरी इलिजिबिलिटी टेस्ट) देनी होगी। इससे प्राप्त स्कोर तीन साल तक वैध रहेंगे। इसी आधार पर मुख्य परीक्षा में वह आवेदन कर सकेगा। 
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आयोग ने भर्ती प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए इसे मंजूरी दी है। चयन प्रक्रिया पेट व मुख्य परीक्षा के आधार पर होगी। मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थी पेट में प्राप्त परसेंटाइल के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। 
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आयोग प्रत्येक भर्ती में रिक्त पदों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर पेट की परसेंटाइल तय कर अभ्यर्थियों से मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन मांगेगा। नई व्यवस्था नई भर्ती विज्ञापनों से लागू होगी।
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आयोग के चेयरमैन प्रवीर कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोग की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला हुआ। 

वर्ष में दो बार होगा पेट

नई व्यवस्था में आयोग विभिन्न विभागों की समूह ‘ग’ की भर्ती के लिए वर्ष में दो बार प्रारंभिक पात्रता परीक्षा-पेट का आयोजन करेगा। अभ्यर्थी को केवल एक बार यह परीक्षा देनी होगी। हालांकि पेट में प्राप्त स्कोर सुधारने के लिए पुन: परीक्षा में भाग ले सकेगा। इस तरह के अवसर के लिए कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी। 

ऐसे होगी परीक्षा
पेट के अंतर्गत अभ्यर्थी को सामान्य ज्ञान, समसामयिक विषय, हिंदी भाषा ज्ञान, तार्किक क्षमता व हाईस्कूल स्तर की सामान्य गणित का परीक्षण किया जाएगा। पेट में आवेदकों को परसेंटाइल आधार पर स्कोर दिया जाएगा। पेट में प्राप्त स्कोर तीन वर्ष तक  वैध रहेगा।

अगले स्तर की मुख्य परीक्षा, कौशल परीक्षा, शारीरिक परीक्षा के लिए शार्टलिस्ट व चयनित किए जाने के लिए अभ्यर्थी के तीन वर्ष में पेट में प्राप्त उच्चतम स्कोर को मान्यता दी जाएगी। 

विज्ञापित पद के लिए होगी मुख्य परीक्षा 
मुख्य परीक्षा में केवल पेट में प्राप्त स्कोर के आधार पर शार्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थी ही हिस्सा ले सकेंगे। शार्टलिस्टिंग पेट में प्राप्त परसेंटाइल स्कोर के निर्धारित कट ऑफ (उदाहरणार्थ 90 प्रतिशत परसेंटाइल स्कोर) के आधार पर होगी। 

इसके अलावा विज्ञापित पदों की संख्या के 15 गुना आवेदकों की पेट में प्राप्त परसेंटाइल स्कोर के अवरोही क्रम में तैयार की गई सूची के आधार पर की जा सकेगी। मुख्य परीक्षा के लिए विषय व पाठ्यक्रम का निर्धारण संबंधित विभाग के परामर्श से शासन के अनुमोदन से किया जाएगा।
 
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