यूपी पुलिस ने शुरू की 'ट्विटर सेवा', जनता के लिए खोले 122 दरवाजे
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महानगर स्थित रेडियो मुख्यालय पर हुए उद्घाटन कार्यक्रम में डीजीपी जावीद अहमद ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से कहा कि यह सेवा शुरू होने के साथ ही जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। पीड़ित नागरिकों के पास अब उनसे संपर्क करने के लिए 122 नए दरवाजे खुल गए हैं। पुलिसकर्मी इनकी मदद से जनता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करें।
डीजीपी ने बताया कि अगले महीने डायल 100 प्रोजेक्ट शुरू होगा। इसके तहत पुलिस को शहरी स्थानों पर घटना की सूचना मिलने के 10 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचना होगा।
डीजीपी ने कहा- रहना होगा ज्यादा सतर्क
ये सूचनाएं फोन के साथ-साथ इन ट्विटर हैंडल पर भी आ सकती हैं, ऐसे में पुलिस वालों को ज्यादा अलर्ट रहना होगा। कुछ ही महीनों में ट्विटर पर यूपी पुलिस को फॉलो करने वालों की संख्या 6.5 हजार से बढ़कर 46 हजार पहुंच चुकी है।
ऐसे में ट्विटर पर आने वाली शिकायतें भी तेजी से बढ़ी हैं। इन्हें मैनेज करना मुश्किल हो रहा था। इसे देखते हुए ‘ट्विटर सेवा’ शुरू की गई है। इसके जरिए नागरिकों की शिकायतों और सुझावों पर तुरंत जवाब दिया जाएगा, जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
इस पर वरिष्ठ अधिकारी नजर रख सकेंगे। डीजीपी ने कहा कि वे युवाओं से पुलिस का संवाद बढ़ाना चाहते हैं। प्रदेश के करीब 21 करोड़ नागरिकों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की है।
ट्विटर पर सभी जिलों, डीआईजी रेंज, आईजी जोन के अधिकृत हैंडल
‘ट्विटर सेवा’ में हर जिले के पुलिस मुखिया का एक ट्विटर हैंडल होगा। ऐसे 75 ट्विटर हैंडल बनाए गए हैं। इनके अलावा 18 डीआईजी रेंज, आठ आईजी जोन, एसटीएफ, जीआरपी, ट्रैफिक पुलिस और डायल 100 के एक-एक ट्विटर हैंडल बनाए गए हैं। इन्हें ट्विटर ने यूपी पुलिस विभाग के अकाउंट्स के तौर पर वेरिफाई किया है, यानी इनसे होने वाला संवाद सरकारी दस्तावेज की तरह अधिकृत होगा।
रेलवे समेत कई मंत्रालय लोगों को पहुंचा रहे राहत
ट्विटर इंडिया के हेड (न्यूज, सरकार व राजनीतिक साझेदारी) रहिल खुर्शीद ने बताया कि दो साल पहले बंगलूरू पुलिस के एक छोटे हिस्से के लिए ट्विटर सेवा शुरू की गई थी।
वहां मिली सफलता के बाद वाणिज्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रेल मंत्रालय, दूरसंचार मंत्रालय के लिए भी इसे शुरू किया गया। लोग जो शिकायतें या सुझाव इन मंत्रालयों के ट्विटर हैंडल को टैग करके भेजते हैं, ट्विटर सेवा उन्हें चिह्ति करती है। इसके बाद जरूरत के अनुसार उन पर विभाग कार्रवाई करता है।
सोशल नेटवर्किंग की दुनिया के लिए ऐतिहासिक दिन
ट्विटर के एशिया पैसिफिक वाइस प्रेसीडेंट ऋषि जेटली ने दावा किया कि यूपी पुलिस और ट्विटर बीच हुई यह साझेदारी सोशल मीडिया जगत के लिए ऐतिहासिक दिन है। यूपी पुलिस को दुनिया का सबसे बड़ा पुलिस संगठन कहा जाता है, वहीं 21 करोड़ की आबादी के साथ भारत का सबसे बड़ा प्रदेश यूपी है। इन दोनों के बीच संवाद कायम करने में ट्विटर का उपयोग एक बड़ी उपलब्धि है।
ऐसे काम करेगी यूपी पुलिस ट्विटर सेवा
पहला चरण आपका : ट्विटर यूजर्स को किसी अपराध या शिकायत की जानकारी अपने जिले के पुलिस कप्तान के ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करके देनी होगी।
क्या होगा : इसका जवाब यूजर्स को शिकायत संख्या केरूप में मिलेगा। यह ट्वीट वरिष्ठ अधिकारी को भी जाएगी। इन ट्वीट पर क्या एक्शन हुआ, उसकी जानकारी टिकट के रूप में अंकित होगी।
दूसरा चरण पुलिस का : एसएसपी या एसपी मामले से जुड़े थाने को इस पर कार्रवाई के लिए कहेंगे। एसएचओ पुलिस को घटना स्थल पर भेजेंगे।
क्या होगा : पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई होगी। इसकी जानकारी कप्तान को दी जाएगी, जो विभाग को इसके बारे में बताएंगे। विभाग शिकायतकर्ता का फीडबैक लेगा कि वह कार्रवाई से संतुष्ट है या नहीं। उसी के अनुसार शिकायत को खत्म किया जाएगा या आगे कार्रवाई के लिए बढ़ाया जाएगा।
शिकायतों की संख्या 10 गुनी हो सकती है
यूपी पुलिस से इस समय 46 हजार यूजर्स जुड़ चुके हैं, हर रोज सैकड़ों जुड़ रहे हैं। दूसरी तरफ शिकायतें भी बढ़ रही हैं, अभी कुछ सौ ही शिकायतें यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल को टैग करके दी जा रही हैं, लेकिन अब 122 हैंडल के बनने से इनकी संख्या कम से कम 10 गुनी होने की संभावना है। रोजाना पांच से 10 हजार तक शिकायतें आ सकती हैं।
डैशबोर्ड करेगा मदद : हर ट्विटर हैंडल को ट्विटर कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां मौजूद डैशबोर्ड में हर शिकायत दर्ज होगी। अधिकारी अपनी आईडी से इन्हें खोल कर शिकायतों का स्टेटस देख सकेंगे।
हर महीने बनेगी रिपोर्ट
हर महीने कितनी शिकायतें आईं, कितनों पर कार्रवाई हुई, बाकी शिकायतों का क्या स्टेटस है, ये जानकारियां रिपोर्ट में दी जाएंगी। इससे हर जिले की स्थिति भी साफ होगी। जिन जिलों में अच्छा काम होगा, वहां के पुलिसकर्मियों को सम्मान मिलेगा। जहां सुधार की गुंजाइश होगी, वहां सख्ती बरती जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्ती : जागरूक नागरिक ट्विटर पर अफवाह फैलाने वालों की जानकारी भी तुरंत पुलिस को दे सकेंगे। ऐसे में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करके दंगे या शांति व्यवस्था बिगड़ने की स्थितियां रोकना पुलिस के लिए आसान होगा।
लखनऊ के लोग यहां करें शिकायत
शहर के लिए : @lucknowpolice
डीआईजी स्तर पर : @diglucknow
आईजी स्तर पर : @igzonelucknow