अयोध्या के रौनाही में मस्जिद के लिए मिली जमीन, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने लेने से किया इंकार
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अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए न्यास बनाने की घोषणा के साथ ही योगी सरकार ने मस्जिद के लिए भी पांच एकड़ जमीन देने का एलान किया है। मस्जिद के लिए रौनाही (अयोध्या) में जमीन दी जाएगी। हालांकि, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मस्जिद लेने से इंकार कर दिया है।
बता दें कि राम मंदिर निर्माण के लिए न्यास (ट्रस्ट) बनाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में की। अयोध्या में मंदिर बनाने का फैसला नौ नवंबर को किया जा चुका है। न्यास बनाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है। योगी ने ट्वीट कर कहा कि प्रभु श्री राम के जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर बनाने के लिए एक स्वायत्त ट्रस्ट का गठन करने के लिये कोटिशः धन्यवाद। 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट पूरी तरह स्वतंत्र एवं मंदिर निर्माण से संबंधित सभी निर्णय लेने में सक्षम होगा।
मा. PM श्री @narendramodi जी को प्रभु श्री राम के जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर बनाने के लिए एक स्वायत्त ट्रस्ट का गठन करने के लिये कोटिशः धन्यवाद।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 5, 2020
'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट पूरी तरह स्वतंत्र एवं मंदिर निर्माण से संबंधित सभी निर्णय लेने में सक्षम होगा।
जय श्री राम!
गौरतलब है कि बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट बनाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की बैठक में एक स्वायत्त ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ है। जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में राम मंदिर निर्माण का कार्य करेगा।
वहीं कांग्रेस ने ट्रस्ट के एलान को लेकर सवाल उठाए। पीएम मोदी ने कहा कि ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'राम मंदिर के लिए वृहद योजना बनाई गई है'
पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण में हम सभी सदस्य मिलकर अयोध्या में श्रीराम धाम के जीणोद्धार के लिए, भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए, एक स्वर में अपना समर्थन दें। इस दौरान संसद भवन में जय श्री राम के नारे भी लगे।
ट्रस्ट के एलान के साथ ही अध्यक्ष पद के लिए रेस शुरू
अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए न्यास (ट्रस्ट) के गठन की घोषणा के साथ ही ट्रस्ट के अध्यक्ष पद के लिए भी रेस शुरू हो गई है। इसमें सबसे ऊपर महंत नृत्य गोपाल दास का नाम चल रहा है।
अयोध्या के साधु-संतों से लेकर विश्व हिंदू परिषद की तरफ से उम्मीद जाहिर की जा रही है ट्रस्ट का अध्यक्ष पद महंत नृत्य गोपाल दास को दिया जा सकता है।
आंदोलन में शामिल सभी लोगों को मिले ट्रस्ट में जगह
इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद के प्रान्तीय मीडिया प्रभारी शरद कहते हैं कि ट्रस्ट की घोषणा संसद के अंदर पीएम मोदी ने कर दी है। सबकी आशा है कि राम मंदिर न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ट्रस्ट के अध्यक्ष हो सकते हैं। हालांकि फैसला सरकार को ही करना है।
उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि रामलला का भव्य और दिव्य मंदिर सामने आएगा। ट्रस्ट में शामिल सदस्यों को लेकर उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन में शामिल होने वाले सभी लोगों को ट्रस्ट में शामिल किया जाना चाहिए।
शरद ने कहा कि संतों की इस आंदोलन में बड़ी भूमिका रही है। ऐसे तमाम संत हैं, जो ट्रस्ट में शामिल हो सकते हैं। लेकिन ट्रस्ट का दायरा तय करने का काम गृह विभाग का है।