यूपी में रजिस्ट्री के अधिकतम दर में हो सकती है वृद्धि, तैयार कराया जा रहा कैबिनेट प्रस्ताव
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आय बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार स्टांप एक्ट में संशोधन कर रजिस्ट्री की अधिकतम दर की सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके लिए कैबिनेट प्रस्ताव भी तैयार कराया जा रहा है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 में गत वर्ष की अपेक्षा करीब एक लाख रजिस्ट्री कम हुई हैं। इससे वर्ष की अनुमानित आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
इसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई क्षेत्रों में रजिस्ट्री न होना भी शामिल है। इससे उबरने के लिए सरकार ने स्टांप एवं निबंधन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष के वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्टांप अधिनियम में संशोधन का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर ऐसी रजिस्ट्री की दरें बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, जिसकी दरों की अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये है।
रजिस्ट्री शुल्क 20 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने का प्रस्ताव
किसी भी तरह की संपत्ति खरीदने पर खरीदार को संपत्ति के मूल्यांकन के हिसाब से रजिस्ट्री शुल्क व स्टांप ड्यूटी अदा करना पड़ता है। वर्तमान में 20 लाख रुपये तक की अधिकतम मूल्यांकन सीमा में रजिस्ट्री शुल्क की अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये है। यानी संपत्ति का मूल्यांकन 20 लाख या इससे कितना भी अधिक हो, रजिस्ट्री शुल्क अधिकतम 20 हजार ही पड़ता है।
सरकार इसी रजिस्ट्री शुल्क में बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि 50 लाख तक की संपत्ति पर रजिस्ट्री शुल्क वर्तमान की तरह अधिकतम 20 हजार रुपये ही रहेगी। लेकिन, मूल्यांकन 50 लाख से अधिक हुआ तो रजिस्ट्री फीस अधिकतम 50 हजार रुपये तक ली जा सकेगी। 20 हजार से 50 हजार रजिस्ट्री शुल्क के लिए स्लैब तय करने की योजना है।