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अब 60 साल से ज्यादा उम्र की विधवा भी पेंशन की हकदार, 23 लाख लोगों को होगा फायदा

Mon, 19 Jun 2017 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 19 Jun 2017 02:10 AM IST
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 Uttar Pradesh government make changes in widow pension scheme.
- फोटो : Getty Images

राज्य सरकार ने विधवा पेंशन योजना में व्यापक बदलाव किए हैं। इसके लिए 60 वर्ष की अधिकतम उम्र की सीमा को खत्म कर दिया गया है। 18 साल से अधिक उम्र की सभी पात्र विधवाओं को सरकार पेंशन देगी। भले ही उनके बच्चे बालिग हों या नाबालिग।

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दो लाख तक की सालाना आय वाले परिवार भी विधवा पेंशन के दायरे में लाए गए हैं। पहले शहरी क्षेत्र में 56 हजार व ग्रामीण क्षेत्र में 46 हजार रुपये सालाना इनकम वाले परिवारों की विधवाएं ही इस योजना में शामिल हो पाती थीं। महिला कल्याण विभाग ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं।
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23.50 लाख को पेंशन देने का लक्ष्य
विधवा पेंशन का लक्ष्य 17 लाख से बढ़ाकर 23.50 लाख कर दिया गया है। फिलहाल 500-500 रुपये महीना पेंशन दी जाएगी। इसी लक्ष्य के अनुसार जिलों में पेंशन के फॉर्म भरवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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तीन-तीन माह की पेंशन एक साथ दी जाएगी। यानी मई में अप्रैल, मई व जून की पेंशन एक साथ मिलेगी। तो जुलाई में जुलाई, अगस्त व सितंबर, अक्तूबर में अक्तूबर, नवंबर व दिसंबर और जनवरी में जनवरी, फरवरी व मार्च की पेंशन दी जाएगी।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, आधार से किया जाएगा लिंक

 Uttar Pradesh government make changes in widow pension scheme.

विधवा पेंशन योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब सभी लाभार्थियों को आधार नंबर से लिंक किया जाएगा। प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि फॉर्म भरने से लेकर पेंशन स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है।

वहीं, पेंशन प्रकरण हर हाल में चार महीने में निस्तारित करने होंगे। विधवा पेंशन के ऑनलाइन आवेदन महिला कल्याण विभाग की वेबसाइट (www.mahilakalyan.up.nic.in) पर करना होगा। आवेदन पत्र स्वयं एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भरे जाएंगे। फॉर्म के साथ ही स्वहस्ताक्षरित अभिलेख भी अपलोड करने होंगे।

सीडीओ या एडीएम की अध्यक्षता में बनेगी तीन सदस्यीय समिति
जिलों में विधवा पेंशन के आवेदन पत्र स्वीकार करने की भी नई व्यवस्था बनाई गई है। अभी तक एसडीएम व बीडीओ आवेदन स्वीकार करते थे, लेकिन अब सीडीओ या एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनेगी।

डीएम सीडीओ या फिर एडीएम को इस समिति के अध्यक्ष पद के लिए नामित करेंगे। इसमें जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी सदस्य होंगे। यही समिति पेंशन प्रकरण के आवेदन स्वीकार करने के बाद एनआईसी के पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) में अपलोड करेगी।

एसएमएस के जरिए मिलेगी सूचना

 Uttar Pradesh government make changes in widow pension scheme.

विधवा पेंशन के आवेदन से लेकर इसकी स्वीकृति तक की सूचना एसएमएस के जरिए लाभार्थियों की दी जाएगी। पहला एसएमएस ऑनलाइन आवेदन सबमिट होने पर आएगा। दूसरा एसएमएस बीडीओ/एसडीएम द्वारा जांच के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी को आगे बढ़ाने या फिर रिजेक्ट करने पर आएगा।

तीसरा एसएमएस जिला स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति के आवेदन पत्र स्वीकार करने या अस्वीकार करने पर आएगा। यदि पीएफएमएस से लाभार्थी का डाटा अस्वीकार होता है, तो उसका भी एसएमएस आएगा। बैंक खाते में पेंशन की राशि भेजने पर भी एसएमएस भेजा जाएगा।

अप्रैल में हर साल होगा भौतिक सत्यापन
अब हर साल अप्रैल में लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि लाभार्थी ने कहीं दोबारा शादी तो नहीं कर ली है। यदि लाभार्थी की मृत्यु हो गई है और उसके खाते में पेंशन जा रही है तो उसका पैसा राजकोष में जमा कराया जाएगा।

समय पर निस्तारण न हुआ तो ऊपर के अफसर को हो जाएगा फारवर्ड
सरकार ने पेंशन प्रकरण के ऑनलाइन निस्तारण की समय सीमा तय कर दी है। तय समय पर पेंशन प्रकरण का निस्तारण न हुआ तो यह प्रकरण स्वत: ऊपर के अफसर को फारवर्ड हो जाएगा। ऐसे में कोई अफसर यदि जानबूझकर किसी का प्रकरण रोकते हैं तो यह अपने आप स्वीकृत हो जाएगा। अगर कोई गलत प्रकरण स्वीकार हुआ तो इसके जिम्मेदार वह अफसर माने जाएंगे।

इस समय सीमा में निस्तारित करने होंगे प्रकरण

 Uttar Pradesh government make changes in widow pension scheme.

पहला चरण : पहले चरण में ग्राम पंचायत अधिकारी या लेखपालों को 45 दिनों में आवेदन पत्रों की जांच कर आख्या सहित रिपोर्ट अग्रसारित करनी होगी। यदि 45 दिनों में प्रकरण निस्तारित न किए तो आवेदन पत्र संस्तुति सहित आगे एसडीएम या नगर मजिस्ट्रेट के पास पहुंच जाएंगे।

दूसरा चरण : बीडीओ/एसडीएम या फिर नगर मजिस्ट्रेट 15 दिनों के अंदर सत्यापन कर आगे भेजेंगे।

तीसरा चरण : जिला स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति को प्रकरण एक महीने में निस्तारित करने होंगे। यदि एक माह में समिति प्रकरण नहीं भेजती है तो यह स्वत: संस्तुति के साथ अग्रसारित हो जाएंगे।

चौथा चरण : इस चरण में एनआईसी को एक महीने में पीएफएमएस के जरिए लाभार्थियों के खाते में पैसा ट्रांसफर करना होगा।

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