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यूपी डीजीपी ने हिंदू महासभा अध्यक्ष की हत्या पर दिया ये बयान, जांच को लेकर कही ये बात

Mon, 03 Feb 2020 06:22 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 03 Feb 2020 06:22 PM IST
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Uttar Pradesh DGP speaks on Ranjeet Bachchan Murder case.
यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व रणजीत बच्चन। - फोटो : amar ujala

विश्व हिंदू महासभा के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत बच्चन हत्याकांड की जांच में एसटीएफ के अलावा पुलिस व क्राइम ब्रांच की आठ टीमें लगाई गई हैं और रविवार शाम सीसीटीवी से प्राप्त हुई आरोपियों की तस्वीरें भी जारी कर दी गई हैं।

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मामले में पुलिस दबाव में हैं। सोमवार को जब इस पर यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी से मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि जांच चल रही है। वारदात हुए करीब 36 घंटे हो चुके हैं लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।
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बता दें कि वारदात के बाद पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने ड्यूटी में लापरवाही पर केडी सिंह बाबू स्टेडियम चौकी प्रभारी संदीप तिवारी व परिवर्तन चौक पर लगी पीआरवी के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। हत्यारों की तस्वीर जारी कर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

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लखनऊ में मॉर्निंग वॉकर्स की सुरक्षा पर फिर उठ रहे सवाल

Uttar Pradesh DGP speaks on Ranjeet Bachchan Murder case.

रणजीत बच्चन की हत्या के बाद राजधानी में मॉर्निंग वॉकर्स की सुरक्षा का सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है। यह पहला वाकया नहीं है, इससे पहले भी मॉर्निंग वॉक के दौरान मुख्य अभियंता, पूर्व विधायक, डीजी हेल्थ, सीएमओ की हत्याएं हो चुकी हैं। दवा कारोबारी व मुतवल्ली भी हत्यारों की गोली का निशाना बन चुके हैं। सुबह का समय पुलिस गश्त की सुस्ती से अपराधियों के लिए मुफीद हो जाता है। वहीं सुरक्षा की योजनाएं सिर्फ घटना समय बनाकर बाद में फाइलें बंद कर दी जाती हैं।

बीती घटनाओं की बात करें तो 7 अगस्त 1994 की सुबह मंडी परिषद के मुख्य अभियंता सुशील कुमार मिश्रा की अलीगंज के कपूरथला चौराहे पर गोली मारकर हत्या की गई। इसके बाद पूर्वांचल के दुर्दांत माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला ने महराजगंज के लक्ष्मीपुर के पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रताप शाही की 31 मार्च 1997 को इंदिरानगर में सुबह गोली मारकर हत्या की थी।

25 मई 1998 में दवा कारोबारी कमल कृष्ण रस्तोगी की हत्या कर उनके बेटे कुणाल रस्तोगी का बॉटनिकल गार्डेन गेट सिकंदरबाग चौराहे से अपहरण कर लिया गया था। पिता-पुत्र टहलने जा रहे थे, तभी घटना को अंजाम दिया गया।

ये वारदातें भी हुई थीं

Uttar Pradesh DGP speaks on Ranjeet Bachchan Murder case.
यहीं पर की गई थी रणजीत बच्चन की हत्या (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
23 जुलाई 2000 में बटलर पैलेस निवासी डीजी हेल्थ डॉ. बच्ची लाल को हजरतगंज थाना क्षेत्र के कृषि भवन चौराहे के पास टहलने के दौरान गोलियों से छलनी कर दिया गया। 27 अक्तूबर 2010 को विकासनगर में सीएमओ विनोद कुमार आर्य और 2 अप्रैल 2011 को गोमतीनगर में सीएमओ वीपी सिंह को सुबह-सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई।

लगभग चार साल बाद फिर 25 अगस्त 2015 को मॉर्निंग वॉक एवं बच्ची को स्कूल छोड़ने जा रहे मुतवल्ली व स्कूल प्रबंधक तकी रजा उर्फ तक्कू को चौक थाना क्षेत्र के पाटानाला पुलिस चौकी के पास स्थित बजाजा इलाके में हत्यारे ने गोली का निशाना बनाया, लेकिन मुतवल्ली की बेटी ने राहगीरों की मदद से हत्यारों को दबोच लिया था। लगभग साढ़े चार साल के बाद एक बार फिर से मॉर्निंग वॉक पर निकले विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष हत्यारे की गोली का निशाना बने।

मुख्य अभियंता की हत्या से दहले थे अफसर
शहर में मॉर्निंग वॉक के दौरान सबसे पहली हत्या मंडी परिषद के मुख्य अभियंता सुशील कुमार मिश्रा की हुई थी। इससे मंडी, पीडब्ल्यूडी, राजकीय निर्माण निगम व सिंचाई सहित अन्य विभागों के अफसर दहल गए थे। कपूरथला चौराहे के पास टहल रहे मुख्य अभियंता पर दो हत्यारे तब तक गोली दागते रहे, जब तक उनकी मौत नहीं हो गई।

हत्या ऐसी जगह जहां सीसीटीवी कैमरे की नजर नहीं

Uttar Pradesh DGP speaks on Ranjeet Bachchan Murder case.

विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या उस स्थान पर की गई जहां सीसीटीवी कैमरे की नजर नहीं जाती। ब्लैक स्पॉट पर हत्या से सवाल उठता है कि क्या ये महज इत्तफाक था या फिर बदमाशों को इसके बारे में बखूबी पता था। सवाल इसलिए उठ रहा है कि अमूमन रणजीत मॉर्निंग वॉक करने उस ओर नहीं जाते थे। कहीं उन्हें साजिश के तहत तो ग्लोब पार्क के पास तो नहीं ले जाया गया?

होटल क्लार्क अवध तिराहे से स्वास्थ्य भवन तिराहे की ओर जा रही रोड पर जहां हत्या की गई, वह जगह सीसीटीवी कैमरों की कवरेज से दूर होने की वजह से एक तरह से ब्लैक स्पॉट में आता है। होटल क्लार्क अवध तिराहे से स्वास्थ्य भवन तिराहे की ओर जा रही सड़क के डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट खंभे पर एक सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन उसका एंगल क्लार्क अवध की तरफ का इलाका कवर करता है। लेकिन डिवाइडर पर दूसरा कैमरा नहीं है।

स्वास्थ्य भवन तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस बूथ के सामने पोल पर ट्रैफिक लाइट्स तो लगी हैं, लेकिन सीसीटीवी कैमरा नहीं है। इसी रोड पर डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट पर अगला कैमरा कमिश्नर दफ्तर के पास बने हनुमान मंदिर के सामने एक खंभे पर लगा है। हत्या वाली जगह से ये दूरी लगभग 200 मीटर के आसपास है।

रोज जाते थे दयानिधान... आखिर क्यों गए ग्लोब पार्क

Uttar Pradesh DGP speaks on Ranjeet Bachchan Murder case.

रणजीत बच्चन मॉर्निंग वॉक के लिए रोजाना नगर निगम मुख्यालय के पास बने दयानिधान पार्क तक जाते थे। पर, रविवार सुबह उनका करीब डेढ़ किमी. और आगे ग्लोब पार्क तक जाना शक पैदा कर रहा कि कहीं उन्हें साजिश के तहत तो वहां नहीं ले जाया गया? पुलिस भी इसकी पड़ताल कर रही है कि क्या हत्यारों ने साजिश के तहत तो नहीं ग्लोब पार्क तक बुलाया था?

पुलिस रणजीत और उनके घायल दोस्त आदित्य के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। ओसीआर बिल्डिंग से रणजीत रोजाना सुबह पांच बजे से 5.30 बजे के बीच मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते थे। वह बिल्डिंग से ही किसी न किसी को साथ ले जाया करते थे। ओसीआर से निकलकर विधानसभा रोड होते हुए भाजपा मुख्यालय वाले मोड़ से नगर निगम के सामने बने दयानिधान पार्क तक जाते थे। वहां टहलने व व्यायाम के बाद सामने स्थित शर्मा टी स्टॉल पर चाय पीते थे। बातचीत व विचार-विमर्श करते थे और सुबह आठ बजे तक घर लौट आते थे। घर पर एक अटेंडेंट काम के लिए आता था।

पत्नी मॉर्निंग वॉक से लौटीं!
ओसीआर बिल्डिंग में मौजूद लोगों ने यहां तक कहा कि रणजीत बच्चन की पत्नी कालिंदी शर्मा भी कभी कभार उनके साथ मॉर्निंग वॉक पर जाती थीं। रविवार को भी वह वॉक पर निकली थीं। चूंकि रणजीत काफी तेज चलते थे, इसलिए उनकी पत्नी रास्ते से ही वापस लौट आईं। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है।

ओसीआर के सीसीटीवी कैमरे भी सवालों के घेरे में

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ओसीआर में दो ब्लॉक हैं। ए और बी। दोनों ब्लॉकों में 84-84 फ्लैट हैं। फ्लैटों की सुरक्षा के लिए बिल्डिंग में सीसीटीवी लगे हैं। कंट्रोल रूम भी बना है, लेकिन पड़ोसियों के मुताबिक कुछ सीसीटीवी खराब हो गए थे, जिन्हें बदलवाया नहीं गया।

...और पुलिस की लापरवाही
वारदात सुबह करीब 6 बजे...पत्नी को 8 बजे दी सूचना
पुलिस के मुताबिक घटना रविवार सुबह 6.00 बजे की है। पर, पुलिस सुबह आठ बजे ओसीआर पहुंची और पत्नी को वारदात की सूचना दी। इसके बाद पड़ोस में रहने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व एमएलसी श्याम नंदन सिंह भी मौके पर पहुंच गए।

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