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लखनऊ में रेल यातायात की तस्वीर बदल देंगे दो बाइपास, एक तैयार दूसरे में अभी थोड़ा इंतजार
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लखनऊ। उतरेटिया-ट्रांसपोर्टनगर और ऐशबाग-मानकनगर बाईपास राजधानी में रेल यातायात को बेहद सुगम बना देंगे। इससे एक ओर जहां चारबाग रेलवे स्टेशन व लखनऊ जंक्शन पर ट्रेनों व यात्रियों का लोड घटेगा वहीं दूसरी तरफ ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर समय की भी बचत की जा सकेगी।
कोरोना से पहले चारबाग रेलवे स्टेशन पर सवा लाख से अधिक यात्रियों व 180 ट्रेनों की आवाजाही थी। वहीं आम दिनों में लखनऊ जंक्शन पर 50 हजार यात्री व 45 ट्रेनों का लोड था। इससे चारबाग में खासी भीड़ रहती थी और व्यवस्था बनाने में खासी मशक्कत करनी पड़ती थी। इसलिए रेलवे बोर्ड के निर्देश पर उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों व यात्रियों का लोड कम करने के लिए बाईपास योजना बनाई। इसके तहत उत्तर रेलवे ने उतरेटिया से ट्रांसपोर्टनगर के बीच 12 किमी लंबे एलिवेटड रूट की डबलिंग की। पहले इस रूट पर मालगाड़ियों का संचालन होता था, लेकिन रेलवे प्रशासन ने डबलिंग कर रूट को मजबूत कर दिया है। यह बाईपास तैयार हो गया है, जिस पर मालगाड़ियों का ट्रायल बढ़ाया गया है। इस पर कुल 120 करोड़ रुपये के आसपास खर्च किया गया है। इस बाईपास से फैजाबाद व रायबरेली रूट से आने वाली गाड़ियों को चारबाग स्टेशन लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सीधे ट्रांसपोर्टनगर के रास्ते आगे भेजा जा सकेगा। इस रूट पर चारबाग व जंक्शन की 29 नॉन प्रीमियम ट्रेनों को शिफ्ट करने की योजना है। उधर, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ऐशबाग से मानकनगर के बीच बाईपास बना रहा है। 3.8 किमी लंबे इस बाईपास पर 81 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस बाईपास के बन जाने से गोरखपुर रूट की गाड़ियों को सीधे कानपुर की ओर रवाना किया जा सकेगा, उन्हें लखनऊ जंक्शन नहीं भेजना पड़ेगा।
छोटे स्टेशनों को भी कर रहे अपग्रेड
चारबाग व जंक्शन पर ट्रेनों व यात्रियों का लोड कम करने के लिए जहां बाईपास सिस्टम तैयार हो रहा है, वहीं रूट के छोटे स्टेशनों को भी अपग्रेड कर यात्री सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। मसलन, उतरेटिया, ट्रांसपोर्टनगर व बादशाहनगर, डालीगंज, सिटी स्टेशन, ऐशबाग, मानकनगर स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इससे राजधानी में रेलवे ट्रैफिक अलग-अलग स्टेशनों पर बंट जाएगा, जिससे यात्रियों को चारबाग व जंक्शन ट्रेन पकड़ने के लिए नहीं आना पड़ेगा।
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डबलिंग व फोरलेन आउटर से मिलेगी रफ्तार
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से डालीगंज से मल्हौर के बीच डबलिंग का काम किया जा रहा है। 13 किमी लंबे रूट पर 145 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दो लाइन बन जाने से ट्रेनों को रफ्तार देने में मदद मिलेगी। वहीं चारबाग से दिलकुशा व आलमनगर के बीच फोरलेन आउटर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है तथा बाराबंकी से मल्हौर के बीच तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए बजट मिल चुका है।
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कोरोना से पहले चारबाग रेलवे स्टेशन पर सवा लाख से अधिक यात्रियों व 180 ट्रेनों की आवाजाही थी। वहीं आम दिनों में लखनऊ जंक्शन पर 50 हजार यात्री व 45 ट्रेनों का लोड था। इससे चारबाग में खासी भीड़ रहती थी और व्यवस्था बनाने में खासी मशक्कत करनी पड़ती थी। इसलिए रेलवे बोर्ड के निर्देश पर उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों व यात्रियों का लोड कम करने के लिए बाईपास योजना बनाई। इसके तहत उत्तर रेलवे ने उतरेटिया से ट्रांसपोर्टनगर के बीच 12 किमी लंबे एलिवेटड रूट की डबलिंग की। पहले इस रूट पर मालगाड़ियों का संचालन होता था, लेकिन रेलवे प्रशासन ने डबलिंग कर रूट को मजबूत कर दिया है। यह बाईपास तैयार हो गया है, जिस पर मालगाड़ियों का ट्रायल बढ़ाया गया है। इस पर कुल 120 करोड़ रुपये के आसपास खर्च किया गया है। इस बाईपास से फैजाबाद व रायबरेली रूट से आने वाली गाड़ियों को चारबाग स्टेशन लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सीधे ट्रांसपोर्टनगर के रास्ते आगे भेजा जा सकेगा। इस रूट पर चारबाग व जंक्शन की 29 नॉन प्रीमियम ट्रेनों को शिफ्ट करने की योजना है। उधर, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ऐशबाग से मानकनगर के बीच बाईपास बना रहा है। 3.8 किमी लंबे इस बाईपास पर 81 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस बाईपास के बन जाने से गोरखपुर रूट की गाड़ियों को सीधे कानपुर की ओर रवाना किया जा सकेगा, उन्हें लखनऊ जंक्शन नहीं भेजना पड़ेगा।
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छोटे स्टेशनों को भी कर रहे अपग्रेड
चारबाग व जंक्शन पर ट्रेनों व यात्रियों का लोड कम करने के लिए जहां बाईपास सिस्टम तैयार हो रहा है, वहीं रूट के छोटे स्टेशनों को भी अपग्रेड कर यात्री सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। मसलन, उतरेटिया, ट्रांसपोर्टनगर व बादशाहनगर, डालीगंज, सिटी स्टेशन, ऐशबाग, मानकनगर स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इससे राजधानी में रेलवे ट्रैफिक अलग-अलग स्टेशनों पर बंट जाएगा, जिससे यात्रियों को चारबाग व जंक्शन ट्रेन पकड़ने के लिए नहीं आना पड़ेगा।
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डबलिंग व फोरलेन आउटर से मिलेगी रफ्तार
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से डालीगंज से मल्हौर के बीच डबलिंग का काम किया जा रहा है। 13 किमी लंबे रूट पर 145 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दो लाइन बन जाने से ट्रेनों को रफ्तार देने में मदद मिलेगी। वहीं चारबाग से दिलकुशा व आलमनगर के बीच फोरलेन आउटर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है तथा बाराबंकी से मल्हौर के बीच तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए बजट मिल चुका है।