TET रिजल्ट घोषित, जानें कितने हुए पास
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का वर्ष 2013-14 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है।
प्राथमिक स्तर से उच्च प्राथमिक स्तर तक परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थियों में से 24.23 प्रतिशत को ही सफलता हाथ लगी। यह परीक्षा 22-23 फरवरी को हुई थी।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी, इलाहाबाद नीना श्रीवास्तव की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि प्राथमिक स्तर पर 145319 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिसमें से 57506 यानी 39.57 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए।
वेबसाइट से लें पूरी जानकारी
उच्च प्राथमिक स्तर पर 519219 परीक्षार्थियों में से 94566 (18.21%), प्राथमिक स्तर भाषा में 16428 में से 7851 (47.79%) और उच्च प्राथमिक स्तर भाषा में 97841 में से 28803 परीक्षार्थी (29.44%) अर्ह घोषित किए गए हैं।
कुल 778807 परीक्षार्थियों में से 188726 परीक्षार्थी सफल हुए। परीक्षाफल वेबसाइट upbasiceduboard.gov.in पर 24 मई से 9 जून तक उपलब्ध है। अभ्यर्थी रोल नंबर और जन्मतिथि के आधार पर रिजल्ट देख सकते हैं।
आचार संहिता का फंसा था पेंच
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी पास होना
जरूरी है। इसी के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग हर साल टीईटी आयोजित कराता
है।
जून 2013 में प्रदेश के 872 परीक्षा केंद्रों पर टीईटी हुई थी, जिसमें 7,65,634 परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
नियमानुसार
टीईटी का रिजल्ट अक्तूबर 2013 तक ही जारी हो जाना चाहिए था, लेकिन विभागीय
अधिकारियों की लापरवाही से इसे जारी नहीं किया जा सका।
इस बीच
आरक्षित वर्ग के आवेदकों ने 83 के बजाय 82 अंक पर पास करने के संबंध में
हाईकोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया। हाईकोर्ट ने 82 अंक पर पास करने संबंधी
आदेश जारी किया तो चुनाव आचार संहिता आड़े आ गई।
शिक्षकों की भर्ती में लगेगा वक्त
बेसिक शिक्षा विभाग ने भले ही 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन इसमें अभी और समय लगेगा।
विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से समय मांगने के लिए अर्जी लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट को अब इस पर सुनवाई करनी है।
विभाग ने तर्क दिया है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए पहला विज्ञापन नवंबर 2011 में निकाला गया था। उस समय ऑनलाइन आवेदन नहीं लिए गए थे।
बाद में इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया। इसलिए उस समय आए आवेदनों को पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत नहीं किया जा सका था।
यही नहीं कुछ आवेदकों ने अपने आवेदन भी वापस ले लिए थे। इससे पुराने विज्ञापन के आधार पर भर्ती के लिए समय लगेगा।