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यूपीएसएसएससी: पूरे वर्ष नहीं निकाली एक भी नई भर्ती, आयोग व शासन में सहमति न बनने से ठप है प्रक्रिया

Sun, 08 Nov 2020 01:30 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 08 Nov 2020 01:30 PM IST
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UPSSSC: Not a single new recruitment was released in whole year
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने बीते एक वर्ष में एक भी नई भर्ती का विज्ञापन नहीं निकाला है। रिक्त पदों पर भर्तियां शुरू करने के मुख्यमंत्री के निर्देश के एक महीने बाद भी आयोग में कोई हरकत नजर नहीं आ रही है।
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इससे नाराज अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर आयोग के अधिकारियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। आयोग के पास प्रदेश में सबसे अधिक रिक्त पदों को भरने की जिम्मेदारी है। समूह 'ग' के सबसे ज्यादा पद रिक्त हैं। 
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विभागों से इन्हें जल्द भरने की गुजारिश के साथ प्रस्ताव भी भेजे जा रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग के मौजूदा चेयरमैन के आने के बाद से ही भर्ती से जुड़ी सभी प्रक्रिया ठप कर दी गई। चेयरमैन नए तरीके से भर्ती करना चाहते हैं और कार्मिक विभाग उनके प्रस्ताव पर कुंडली मारे बैठा है। 
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आयोग व शासन के बीच की सहमति न बन पाने से नए पदों पर भर्ती कार्रवाई शुरू तक नहीं हो पा रही है। कुछ पुरानी भर्तियों के रिजल्ट देकर ही चुप्पी साध ली गई। मुख्यमंत्री ने सितंबर में रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई अगले छह महीने में पूरी करने को कहा था। लेकिन अभी तक नई भर्ती का कोई विज्ञापन नहीं निकला। एक-एक भर्ती प्रस्ताव पर चयन प्रक्रिया पूरी करने में महीनों लग जाते हैं। 

ऐसे में समूह 'ग' के समस्त रिक्त पदों को अगले पांच महीने में भरा जाना संभव नहीं लग रहा है। अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर आयोग के अधिकारियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है।

निर्णय होते ही नया विज्ञापन : आयोग

आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई भर्ती प्रक्रिया से संबंधित प्रस्ताव शासन स्तर पर 6 मार्च से पेंडिंग है। इसी प्रक्रिया को केंद्र ने भी हरी झंडी दी है। इस पर फैसला होते ही नई भर्ती कार्यवाही शुरू हो जाएगी। इससे संबंधित नियमावली भी शासन को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। जो विज्ञापन नहीं हुए, उन सभी में यह आरक्षण देना है। ऐसे में सभी पुराने भर्ती प्रस्ताव विभागों को लौटाने पड़े हैं।

विभागों ने रोस्टर के हिसाब से नया प्रस्ताव भेजना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे प्रस्ताव आ रहा है, उसका परीक्षण हो रहा है। कई खामियां मिल रही हैं, उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। तीसरा, आयोग के सामने पिछले चार वर्ष से लंबित भर्तियों का रिजल्ट घोषित करना था। 2019 तक के  केवल दो रिजल्ट बचे हैं। मंडी व होम्योपैथी फार्मेसिस्ट के लंबित रिजल्ट का एलान भी 10 दिनों में कर दिया जाएगा।

कोविड की वजह से भी कामकाज प्रभावित हुआ। दो सदस्य संक्रमण से बीमार पड़े और दो वरिष्ठ अधिकारियों को एक-एक महीने नोडल अधिकारी के रूप में ड्यूटी पर जाना पड़ा। अधिकारी ने बताया कि आयोग शासन के संपर्क में है। जैसे ही नए प्रस्ताव पर सहमति बनती है, नए विज्ञापन आने शुरू हो जाएंगे।

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