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सपा शासनकाल की इन भर्तियों पर मंडराया संकट, सेवा नियमावली के उल्लंघन का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:34 PM IST
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यूपीएसएसएससी
- फोटो : amar ujala
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सपा शासनकाल में उर्दू अनुवादक के करीब 112 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी। यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने इसके लिए लिखित परीक्षा का आयोजन कराया था।
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आयोग में शिकायत की गई है कि लिखित परीक्षा के प्रश्न पत्र सेवा नियमावली के हिसाब से नहीं बनाए गए।
आयोग ने इस संबंध में उर्दू के विशेषज्ञ से राय लेने का फैसला किया है। आयोग के चेयरमैन सीबी पालीवाल ने बताया कि यदि पाया गया कि प्रश्न पत्र सेवा नियमावली के हिसाब से नहीं थे, तो भर्ती रद्द हो सकती है।
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जेई में महिला की जगह पुरुष की नियुक्ति पहले ही हो चुकी रद्द
आयोग ने इसके पहले 757 अवर अभियंताओं की भर्ती में गड़बड़ी पकड़ी थी। इस भर्ती में 20 प्रतिशत यानी 151 पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे, लेकिन इनमें से 79 पदों पर पुरुष अभ्यर्थियों को भर्ती कर लिया गया था। इस पर आयोग ने महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर पुरुषों की नियुक्ति रद्द कर दी थी।
पहले विज्ञापन पर माथापच्ची तेज
आयोग ने भर्ती के पहले नए विज्ञापन पर माथापच्ची तेज कर दी है। पालीवाल ने बताया कि पहले विज्ञापन के लिए रिक्तियों की संख्या फाइनल की जा रही है। आयोग माह के अंत तक विज्ञापन जारी कर देगा।