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प्रदूषण बेकाबू : यूपीपीसीबी की सिफारिश पर डीएम ने दिया आदेश, ईंट-भट्ठे समेत बंद होगा ये प्लांट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:42 AM IST
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ की हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। इसमें तेजी से घुलते जा रहे जहर ने उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (यूपीपीसीबी) के भी कान खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को ठोस कार्रवाई शुरू हो गई है।
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यूपीपीसीबी की सिफारिश पर डीएम ने 15 फरवरी तक लखनऊ के सभी ईंट-भट्ठे और हॉटमिक्स प्लांट बंद करने के आदेश कर दिए हैं। इसके अलावा एलडीए और आवास विकास परिषद को अपनी और अन्य बिल्डरों की साइटों पर निर्माण सामग्री ढककर रखने का आदेश दिया है।
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वहीं, शहर के प्रमुख 20 चौराहों को चिह्नित कर ट्रैफिक पुलिस यहां जाम नहीं लगने देगी। इतना ही नहीं प्रदूषण जांच न कराने पर वाहनों को सीधे सीज कर दिया जाएगा। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन ने बताया कि डीएम कौशल राज शर्मा ने सोमवार को वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए संबंधित 17 विभागों की बैठक की।
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इनसे तीन नवंबर तक वायु प्रदूषण कम करने को किए कामों की रिपोर्ट मांगी गई है। यूपीपीसीबी इसे पोर्टल यूपीईसीपीडॉटइन पर अपलोड करेगा। विभागों से कह दिया गया है कि जब तक लखनऊ की हवा की गुणवत्ता का सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब रहेगा, सभी एक्शन प्लान के मुताबिक काम करेंगे।
चौराहों पर 50 मीटर तक नहीं खड़े होंगे वाहन
ऐसे होगी सख्ती
साइटों पर निर्माण सामग्री को ढककर रखा जाएगा। शहर के 20 चौराहों को किया जाएगा जाम से मुक्त।
संचालकों का कहना है कि भट्टे एक फरवरी से जून तक ही चलते हैं फिलहाल भट्ठे बंद हैं तो फिर प्रशासन किन्हें बंद कराने की बात कह रहा है। वहीं निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं, उन पर कोई रोक नहीं है। ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है। सड़कें टूटी पड़ी हैं, जिनसे ट्रैफिक धीरे चलता और प्रदूषण बढ़ता है।
डीएम ने आरटीओ से कहा कि सात दिन में अपने सभी 125 वाहन प्रदूषण जांच केंद्र सक्रिय कर लें। इसके बाद जिस वाहन के पास प्रदूषण जांच सर्टिफिके ट न मिले, उसे तुरंत सीज कर दिया जाए। आदेश राजधानी में सभी वाहनों पर लागू होगा।
डीएम के आदेश के बाद शहर के 20 प्रमुख चौराहों को ट्रैफिक पुलिस चिह्नित करेगी। यहां पर जाम नहीं लगने दिया जाएगा। वहीं, सभी चौराहों के बीच से चारों तरफ 50 मीटर तक वाहनों के खड़े होने या अन्य अतिक्रमण पर भी रोक लगा दी गई है। इसे पुलिस सुनिश्चित करेंगे।
साइटों पर निर्माण सामग्री को ढककर रखा जाएगा। शहर के 20 चौराहों को किया जाएगा जाम से मुक्त।
संचालकों का कहना है कि भट्टे एक फरवरी से जून तक ही चलते हैं फिलहाल भट्ठे बंद हैं तो फिर प्रशासन किन्हें बंद कराने की बात कह रहा है। वहीं निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहे हैं, उन पर कोई रोक नहीं है। ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है। सड़कें टूटी पड़ी हैं, जिनसे ट्रैफिक धीरे चलता और प्रदूषण बढ़ता है।
डीएम ने आरटीओ से कहा कि सात दिन में अपने सभी 125 वाहन प्रदूषण जांच केंद्र सक्रिय कर लें। इसके बाद जिस वाहन के पास प्रदूषण जांच सर्टिफिके ट न मिले, उसे तुरंत सीज कर दिया जाए। आदेश राजधानी में सभी वाहनों पर लागू होगा।
डीएम के आदेश के बाद शहर के 20 प्रमुख चौराहों को ट्रैफिक पुलिस चिह्नित करेगी। यहां पर जाम नहीं लगने दिया जाएगा। वहीं, सभी चौराहों के बीच से चारों तरफ 50 मीटर तक वाहनों के खड़े होने या अन्य अतिक्रमण पर भी रोक लगा दी गई है। इसे पुलिस सुनिश्चित करेंगे।
लालबाग, निशातगंज में बिगड़ी हवा
डीएम ने पीडब्ल्यूडी को आदेश दिया कि वायु प्रदूषण बने रहने तक ईंट-भट्ठे और हॉटमिक्स प्लांट बंद रखे जाएं। अभी यह आदेश 15 फरवरी तक लागू होगा। खनन विभाग और यूपीपीसीबी ऐसा होना सुनिश्चित कराएंगे। वहीं, निर्माण साइटों पर एलडीए, मेट्रो, आवास विकास परिषद व निजी बिल्डर्स सामग्री ग्रीन नेट से ढककर रखेंगे। इस पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव भी कराना होगा।
रेस्त्रां और ढाबों पर लकड़ी जलाने पर भी रोक लगा दी गई है। यहां कोयले का इस्तेमाल भी नहीं हो सकेगा। नगर निगम अपना व्हाट्सएप समूह बनाएगा, जिससे कूड़ा जलाने की घटनाओं को रिपोर्ट कर सख्ती की जा सके। सड़कों पर उड़ने वाली धूल नियंत्रित करने के लिए मशीनों से सफाई कराने के लिए कहा गया है।
लखनऊ का एक्यूआई पिछले पांच दिनों में लगातार बिगड़ा हुआ है। ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में पहुंचने से शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के ऊपर बना हुआ है। सोमवार को भी यह 305 रहा। 25 अक्तूबर को एक्यूआई 348 पहुंच चुका है। सबसे खराब स्थिति निशातगंज और लालबाग में बनी हुई है। सोमवार को निशांतगंज में एक्यूआई सुबह के समय 395 और लालबाग में 370 तक पहुंच गया।
लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक
तारीख औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक
29 अक्तूबर 305
28 अक्तूबर 323
27 अक्तूबर 328
26 अक्तूबर 330
25 अक्तूबर 348
रेस्त्रां और ढाबों पर लकड़ी जलाने पर भी रोक लगा दी गई है। यहां कोयले का इस्तेमाल भी नहीं हो सकेगा। नगर निगम अपना व्हाट्सएप समूह बनाएगा, जिससे कूड़ा जलाने की घटनाओं को रिपोर्ट कर सख्ती की जा सके। सड़कों पर उड़ने वाली धूल नियंत्रित करने के लिए मशीनों से सफाई कराने के लिए कहा गया है।
लखनऊ का एक्यूआई पिछले पांच दिनों में लगातार बिगड़ा हुआ है। ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में पहुंचने से शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के ऊपर बना हुआ है। सोमवार को भी यह 305 रहा। 25 अक्तूबर को एक्यूआई 348 पहुंच चुका है। सबसे खराब स्थिति निशातगंज और लालबाग में बनी हुई है। सोमवार को निशांतगंज में एक्यूआई सुबह के समय 395 और लालबाग में 370 तक पहुंच गया।
लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक
तारीख औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक
29 अक्तूबर 305
28 अक्तूबर 323
27 अक्तूबर 328
26 अक्तूबर 330
25 अक्तूबर 348