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मेरे निजी अंग दूसरा कोई क्यों देखे...: नई गाइडलाइन मरीजों पर भारी, सर्जरी की फोटो अपलोड करने से निजता प्रभावित
Wed, 10 Jul 2024 12:57 PM IST
शाहरुख खान
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Jul 2024 12:57 PM IST
सार
आयुष्मान योजना की नई गाइडलाइन मरीजों पर भारी पड़ रही है। सर्जरी की फोटो अपलोड करने से मरीजों की निजता प्रभावित हो रही है। सर्जरी के दौरान मरीजों के अंगों की फोटो चेहरे के साथ अपलोड करना अनिवार्य है।
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surgery
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए जारी नई गाइडलाइन मरीजों पर भारी पड़ रही है। अब सर्जरी के दौरान मरीजों के अंगों की फोटो चेहरे के साथ अपलोड करनी है, जिससे उनकी निजता प्रभावित हो रही है। जानकार भी इसे मरीजों के निजता के अधिकार का हनन बता रहे हैं।
योजना के लाभार्थी को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक सालाना बीमा मिलता है। इसमें भर्ती मरीजों की जांच से लेकर ऑपरेशन का खर्च शामिल होता है। एजेंसी के माध्यम से सरकार इलाज का खर्च उठाती है।
कई निजी अस्पतालों ने मरीजों को फर्जी तरीके से आईसीयू में भर्ती दिखाया तो फर्जी ऑपरेशन भी दिखाकर मोटा रुपया वसूला गया। इसे देखते हुए मरीज के भर्ती के रहने के दौरान रोजाना जियो टैगिंग के साथ फोटो अपलोड करने को कहा गया।
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नई गाइडलाइन में ऑपरेशन के समय मरीज का फोटो पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। शर्त यह है कि मरीज के अंग तथा उसके चेहरे का फोटो होना चाहिए।
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योजना के लाभार्थी को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक सालाना बीमा मिलता है। इसमें भर्ती मरीजों की जांच से लेकर ऑपरेशन का खर्च शामिल होता है। एजेंसी के माध्यम से सरकार इलाज का खर्च उठाती है।
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कई निजी अस्पतालों ने मरीजों को फर्जी तरीके से आईसीयू में भर्ती दिखाया तो फर्जी ऑपरेशन भी दिखाकर मोटा रुपया वसूला गया। इसे देखते हुए मरीज के भर्ती के रहने के दौरान रोजाना जियो टैगिंग के साथ फोटो अपलोड करने को कहा गया।
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नई गाइडलाइन में ऑपरेशन के समय मरीज का फोटो पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। शर्त यह है कि मरीज के अंग तथा उसके चेहरे का फोटो होना चाहिए।
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सर्जरी के दौरान डॉक्टर को भी मास्क और बगैर मास्क का फोटो अपलोड करना है। मरीजों के निजी अंगों की भी सर्जरी होती है। ऐसे में उनकी निजता का हनन हो रहा है। इसे लेकर डॉक्टरों में भी रोष है।
महिलाओं के मामले में स्थिति असहज करने वाली
गाइनी, इंडोक्राइन और प्लास्टिक सर्जरी जैसे विभागों में महिलाओं के निजी अंगों की सर्जरी होती है। इनके फोटो अपलोड करने में समस्या ज्यादा है। महिलाओं के अंगों तथा उनके चेहरे के फोटो पर दुरुपयोग का खतरा भी रहता है।
गाइनी, इंडोक्राइन और प्लास्टिक सर्जरी जैसे विभागों में महिलाओं के निजी अंगों की सर्जरी होती है। इनके फोटो अपलोड करने में समस्या ज्यादा है। महिलाओं के अंगों तथा उनके चेहरे के फोटो पर दुरुपयोग का खतरा भी रहता है।
ये विकल्प अपनाए जा सकते हैं
- अस्पतालों को मरीज का ब्योरा ऑपरेशन की प्रस्तावित तारीख के साथ पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहना, जिससे औचक निरीक्षण किया जा सके।
- ऑपरेशन के बजाय एनेस्थीसिया देने का फोटो लेने का विकल्प देना।
- फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पताल पर तगड़ा जुर्माना तथा संचालक के लिए सजा का प्रावधान।
- ऑपरेशन के लिए सरकारी अस्पताल को प्राथमिकता देना।
- अस्पतालों को मरीज का ब्योरा ऑपरेशन की प्रस्तावित तारीख के साथ पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहना, जिससे औचक निरीक्षण किया जा सके।
- ऑपरेशन के बजाय एनेस्थीसिया देने का फोटो लेने का विकल्प देना।
- फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पताल पर तगड़ा जुर्माना तथा संचालक के लिए सजा का प्रावधान।
- ऑपरेशन के लिए सरकारी अस्पताल को प्राथमिकता देना।
संक्रमण का भी खतरा
ओटी में मरीज की निजता बनी रहती है। इस दौरान उनका फोटो नहीं लिया जा सकता। ओटी में फोटो खींचना संक्रमण का खतरा बढ़ाता है। बिना मास्क के फोटो में यह खतरा और बढ़ जाता है।- प्रो. समीर मिश्रा, प्रभारी अधीक्षक ट्रॉमा सेंटर केजीएमयू
ओटी में मरीज की निजता बनी रहती है। इस दौरान उनका फोटो नहीं लिया जा सकता। ओटी में फोटो खींचना संक्रमण का खतरा बढ़ाता है। बिना मास्क के फोटो में यह खतरा और बढ़ जाता है।- प्रो. समीर मिश्रा, प्रभारी अधीक्षक ट्रॉमा सेंटर केजीएमयू