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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   CM Yogi said details of Nazul land should be collected and report should be presented in next meeting

यूपी: 'नजूल भूमि का ब्योरा जुटाएं, अगली बैठक में रखें रिपोर्ट', सीएम बोले- गरीबों के हित में हो जमीन का उपयोग

Thu, 03 Sep 2026 09:37 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Thu, 03 Sep 2026 09:37 AM IST
सार

सीएम योगी ने कहा कि नजूल भूमि का ब्योरा जुटाएं और अगली बैठक में रिपोर्ट रखें। नजूल भूमि का इस्तेमाल गरीबों के हित में हो। हर जिले का डाटा रखने के निर्देश दिए हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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CM Yogi said details of Nazul land should be collected and report should be presented in next meeting
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

नजूल की जमीन पर अवैध कब्जे करने वालों पर शिकंजा कसने के साथ ही इसका इस्तेमाल गरीबों और जनहित के कार्यों में करने की तैयारी है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (लोक प्रयोजनार्थ प्रबंधन और उपयोग) विधेयक, 2024 को लेकर प्रवर समिति की बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेशभर की नजूल संपत्तियों का पूरा और तथ्यात्मक ब्योरा जुटाने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि नजूल जमीन का लाभ गरीबों को मिलना चाहिए। जहां संभव हो, वहां गरीबों के लिए आवास बनाए जाएं। उन्होंने अगली बैठक में प्रदेश की नजूल संपत्तियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा। समिति की अगली बैठक करीब एक महीने बाद होगी। बैठक में प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद ने नजूल संपत्तियों की मौजूदा स्थिति, लंबित न्यायिक मामलों और जमीन से जुड़े विभिन्न प्रकरणों पर प्रस्तुतीकरण दिया। 

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जिलेवार तथ्यात्मक डाटा उपलब्ध कराने की मांग

अगली बैठक में जिलेवार कुल नजूल संपत्तियां, न्यायालयों में लंबित मामलों वाली जमीन, फ्रीहोल्ड की जा चुकी संपत्तियां, अवैध कब्जे और अन्य जरूरी अभिलेखों का ब्योरा रखा जाएगा। सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने भी जिलेवार तथ्यात्मक डाटा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वास्तविक आंकड़ों के बिना व्यापक नीति बनाना उचित नहीं होगा। वैध रूप से वर्षों से रह रहे लोगों, पुराने पट्टेदारों और गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की रक्षा के साथ सरकारी जमीन की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि नजूल जमीन का प्रावधान पुरानी व्यवस्था से चला आ रहा है। इसका इस्तेमाल गरीबों के हित में होना चाहिए और अतिक्रमणकारियों अथवा उद्योगपतियों को सरकारी जमीन पर नाजायज कब्जा नहीं करने दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कई अवैध कब्जे निरस्त किए जा चुके हैं। बैठक में पुराने पट्टेदारों के अधिकार, निरस्त पट्टे, फ्रीहोल्ड संपत्तियां, बेदखली, मुआवजा और पुनर्वास के साथ अधिकारियों के विवेकाधीन अधिकारों पर नियंत्रण और भविष्य के उपयोग व आवंटन में पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया।

72 हजार एकड़ नजूल जमीन, कीमत दो लाख करोड़

सरकारी और राजस्व रिकॉर्ड के अनुमानों के अनुसार प्रदेश में करीब 72 हजार एकड़ नजूल भूमि है, जिसकी अनुमानित कीमत दो लाख करोड़ रुपये से अधिक है। प्रयागराज में करीब 71 लाख वर्गमीटर नजूल भूमि बताई गई है। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, गोंडा, वाराणसी, आगरा और बाराबंकी में भी बड़ी मात्रा में ऐसी जमीन है। 



नए नियमों के तहत निजी व्यक्ति या संस्था के लिए नजूल जमीन को फ्रीहोल्ड करने पर रोक है। पट्टे की अवधि पूरी होने पर जमीन सरकार के पास वापस जाएगी और इसका उपयोग स्कूल, अस्पताल, पार्क, मेट्रो तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे जनहित के कार्यों में किया जा सकेगा। जिलों में पुराने अभिलेख खंगालकर नजूल भूमि का डिजिटल डाटाबेस भी तैयार किया जा रहा है।

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