विधान परिषद में लटका यूपीकोका, पूर्व सीएम अखिलेश बोले- विधेयक जनता के साथ धोखा
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यूपी विधानसभा से पास होकर उच्च सदन में पहुंचा 'उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (यूपीकोका) 2017' विधान परिषद में लटक गया। शुक्रवार को सपा, बसपा व कांग्रेस के जबर्दस्त विरोध के चलते विधेयक को परिषद की प्रवर समिति के सुपुर्द कर दिया गया।
वहीं, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपीकोका को जनता के साथ धोखा बताया। कहा, आईपीसी और सीआरपीसी में जो कानून बनाए गए हैं उसका सरकार ठीक ढंग से पालन नहीं करा पा रही है फिर यूपीकोका की आवश्यकता क्या है? अब समिति की रिपोर्ट के बाद विधेयक को दोबारा परिषद में रखा जाएगा।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने यूपीकोका को संगठित अपराध नियंत्रण के लिए विधेयक को मील का पत्थर बताया। करीब सवा दो घंटे चली बहस के बाद विपक्ष के विरोध के चलते विधेयक को प्रवर समिति को भेज दिया गया।
...तो लग सकता है अपराध पर नियंत्रण
सपा सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि 9 महीने में सरकार की सबसे ज्यादा बदनामी बिगड़ी कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर हुई है। सरकार आईपीसी और सीआरपीसी के कानून का ठीक ढंग से पालन नहीं कर रही है। सरकार अगर डायल 100 और 1090 की व्यवस्था को ही ठीक कर दे तो अपराध पर नियंत्रण लग जाएगा।
बसपा के सुनील कुमार चित्तौड़ ने यूपीकोका को सरकार की दमनकारी नीति का सबूत बताते हुए विरोध किया। नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने यूपीकोका को प्रदेश में संगठित अपराध नियंत्रण के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला विधेयक बताते हुए इसे पारित करने का आग्रह किया। करीब सवा दो घंटे तक चली बहस के बाद सपा, बसपा और कांग्रेस के विरोध के चलते विधेयक संशोधनों पर विचार के लिए प्रवर समिति के सुपुर्द कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश सहकारी समिति (संशोधन) विधेयक भी प्रवर समिति को सौंपा
विधान परिषद में शुक्रवार को प्रस्तुत उत्तर प्रदेश सहकारी समिति (संशोधन) विधेयक 2017 भी प्रवर समिति को सुपुर्द किया गया। नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने विधेयक पेश करते हुए उसे पारित करने का आग्रह किया। नेता प्रतिपक्ष अमहद हसन ने विधेयक को जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बताते हुए प्रवर समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा। रामसुंदर दास, शतरुद्र प्रकाश, आनंद भदौरिया सहित अन्य के प्रस्ताव पर विधेयक को संशोधन के लिए प्रवर समिति को सुपुर्द किया गया।
ये विधेयक हुए पारित
विधान परिषद में उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल (अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों के वेतन का भुगतान) (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उप शमन) (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश आबकारी संशोधन विधेयक 2017 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित किया गया।