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UPCOCA: योगी का विपक्ष पर कटाक्ष-सावन ही आग लगाए तो उसको कौन बचाए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 21 Dec 2017 03:02 PM IST
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विधानमंडल में बोलते सीएम योगी।
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विधानमंडल में गुरुवार को यूपीकोका पर योगी ने कहा कि विपक्ष की टिप्पणियां देखकर एक ही बात मुझे लगती है कि जब सावन ही आग लगाए तो उसको कौन बचाए। आखिर जब जिम्मेदार नेता ही यूपीकोका का विरोध करेंगे तो अपराधियों को शह मिलेगी ही।
योगी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब बीजेपी सरकार में कानून व्यवस्था पर अंगुली उठाते हैं तो यूपीकोका का विरोध क्यों। बीजेपी ने कभी किसी कानून का दुरुपयोग नहीं किया और न करेगी। इस विधेयक का दुरुपयोग कोई भी नहीं कर सकता है।
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योगी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब बीजेपी सरकार में कानून व्यवस्था पर अंगुली उठाते हैं तो यूपीकोका का विरोध क्यों। बीजेपी ने कभी किसी कानून का दुरुपयोग नहीं किया और न करेगी। इस विधेयक का दुरुपयोग कोई भी नहीं कर सकता है।
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जनता के प्रति जवाबदेह की नीति से पुलिस कर रही काम
यूपी विधानमंडल में यूपीकोका बिल पर चर्चा शुरू होते ही सीएम योगी ने विधानसभा अध्यक्ष से सबसे पहले यही आग्रह किया कि महोदय, यूपीकोका स्वीकार किया जाए।
इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा देना, भ्रष्टाचार और भय मुक्त वातावरण देना ही सरकार की प्राथमिकता है। सरकार जनता की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है।
योगी ने कहा कि नौ महीने में हमारी सरकार ने कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए बेहतर प्रयास किया लेकिन इसके बावजूद ये महसूस हुआ कि संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त कानून की आवश्कता है। इसीलिए यूपीकोका विधेयक पारित करना जरूरी है।
जनता के प्रति जवाबदेही की नीति से पुलिस कार्य कर रही है। पहली बार ऐसा है कि पुलिस की कार्यप्रणाली में राजनीति हस्तक्षेप नहीं है।
इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा देना, भ्रष्टाचार और भय मुक्त वातावरण देना ही सरकार की प्राथमिकता है। सरकार जनता की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है।
योगी ने कहा कि नौ महीने में हमारी सरकार ने कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए बेहतर प्रयास किया लेकिन इसके बावजूद ये महसूस हुआ कि संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त कानून की आवश्कता है। इसीलिए यूपीकोका विधेयक पारित करना जरूरी है।
जनता के प्रति जवाबदेही की नीति से पुलिस कार्य कर रही है। पहली बार ऐसा है कि पुलिस की कार्यप्रणाली में राजनीति हस्तक्षेप नहीं है।