फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Woman suffers brain hemorrhage ruptured blood vessel doctors incision-free trea

यूपी: दिमाग की नस फटने से हैमरेज की शिकार हुई महिला, डॉक्टरों ने बिना चीरा इलाज करके बचाई जान

Thu, 17 Sep 2026 07:00 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला, लखनऊ
अमर उजाला, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 17 Sep 2026 07:00 PM IST
सार

लखनऊ के केजीएमयू डॉक्टरों ने दिमाग की नस फटने से हुए हैमरेज की शिकार 45 वर्षीय महिला का बिना चीरा लगाए सफल इलाज किया। एंडोवास्कुलर तकनीक से पैर की नस के रास्ते कैथेटर डालकर फटी नस का उपचार किया गया। आयुष्मान कार्ड से महिला का मुफ्त इलाज हुआ और उसकी हालत में सुधार आया।

विज्ञापन
UP Woman suffers brain hemorrhage ruptured blood vessel doctors incision-free trea
सर्जरी - फोटो : Freepik.com

विस्तार

केजीएमयू के डॉक्टरों ने दिमाग की नस फटने से हैमरेज की शिकार महिला की बिना चीरा इलाज करके जान बचा ली है। महिला के दिमाग की दाहिनी आर्टरी में एन्यूरिज्म फट गया था। इससे उसे तेज सिरदर्द, उल्टी और अधिक कमजोरी हुई। डॉक्टरों का कहना है समय पर इलाज न मिलने पर जान तक जा सकती थी।

विज्ञापन


मलिहाबाद निवासी 45 वर्षीय महिला को तेज सिरदर्द हुआ। उल्टियां होने लगी। चलने-फिरन में दिक्कत हुई। आनन-फानन परिवारीजन मरीज को लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने महिला को ब्रेन हैमरेज बताया। मरीज की हालत गंभीर बताते हुए केजीएमयू भेज दिया। परिवारीजन मरीज को लेकर केजीएमयू पहुंचे। डॉक्टर की सलाह पर सीटी स्कैन जांच हुई। जांच में एन्यूरिज्म का पता चला। 
विज्ञापन


इसके बाद मरीज को इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग शिफ्ट किया गया। यहां डॉक्टरों ने एंडोवास्कुलर तकनीक से इलाज करने का फैसला किया। रेडियोडायग्नोसिस विभाग के डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि इसमें सिर में चीरा लगाने के बजाए पैर की नस के रास्ते कैथेटर डाला गया। कैथेटर को दिमाग तक पहुंचा गया। बैलून की मदद से फटी नस के हिस्से का इलाज किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खून के बहाव को रोका गया। डॉ. मनोज कुमार और डॉ. सौरभ कुमार ने एनेस्थीसिया विभाग की टीम के सहयोग से प्रक्रिया पूरी की।डॉ. मनोज ने बताया कि महिला की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। आयुष्मान कार्ड पर मुफ्त इलाज हुआ। डॉक्टरों की निगरानी में महिला की हालत लगातार सुधरती गई। 17 सितंबर को उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed