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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Who was the boss of Changur, he used to change the plan on a phone call, used to immediately follow the or

UP: कौन था छांगुर का आका, एक फोन पर बदल देता था प्लान, मिलने वाले हुक्त का तत्काल करता था पालन

Mon, 14 Jul 2025 09:32 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर Published by: ishwar ashish Updated Mon, 14 Jul 2025 09:32 PM IST
सार

छांगुर का आका कौन था? वो उसके हर एक कॉल पर तत्काल अमल करता था। उसी के कहने पर उसने एक महीने में 36 बार मकान निर्माण का नमूना बदल दिया था।

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UP: Who was the boss of Changur, he used to change the plan on a phone call, used to immediately follow the or
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छांगुर के पीछे किसी बड़े मास्टर माइंड का हाथ भी था, इसका दावा उसके करीब रहने वाले लोग ही करते हैं। कोई बाहर से फोन आता था, जिससे मिलने वाले हुक्म का पालन तत्काल बाबा करता था। वह निर्देशों का पालन करने में तनिक भी देर नहीं लगाता था। वह व्यक्ति कौन है, इसका राज छांगुर की कीपैड वाली मोाबाइल में छुपी है।

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छांगुर काफी भी एंड्रायड मोबाइल का प्रयोग नहीं करता था, पुरानी छोटी मोबाइल ही रखता था। वह फोन को देखता भी नहीं था, बस आवाज सुनकर ही जान जाता था कि किसका फोन है। बाहर से आने वाले का फोन नंबर छांगुर को जुबानी याद रहता था। सामान्य स्थिति में भी आका का फोन आने पर उसके चेहरे की रंगत बदल जाती थी। हुक्म..हुक्म... और तामील- तामील से ज्यादा वह बोलता भी नहीं था। इससे लोग जान भी नहीं पाते थे कि दूसरी तरफ से क्या कहा गया। इसके बाद केवल वह हुक्म जारी था कि यह होना ही चाहिए। कोठी के निर्माण में ही ऊपर से फोन पर तत्काल परिवर्तन करने का फरमान छांगुर जारी करता था। एक महीने में 36 बार उसने कोठी के निर्माण की स्थिति में परिवर्तन कराया। इससे लागत भी बढ़ती गई और बाद में ठेकेदार से विवाद की स्थिति बनी है।
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गोंडा में भी एटीएस करेगी छांगुर के अड्डे की पड़ताल
उतरौला के छांगुर की गोंडा में भी जड़े गहरी थीं। धानेपुर क्षेत्र के रेतवागाड़ा में उसकी पैठ बताई जा रही है। एटीएस को रेतवागाड़ा के रमजान की तलाश है, जिससे छांगुर के अन्य सहयोगियों का पता चल सके। अयोध्या के करीब होने के कारण छांगुर गोंडा में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा था। रेतवागाड़ा के रमजान को अपना सहयोगी बनाया था और उसके जरिए वजीरगंज और नवाबगंज तक जाल बुन रहा था। एटीएस जानकारी जुटाने में लगी है, कभी एटीएस के कदम गोंडा की ओर बढ़ सकते हैं।
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गोंडा में भी एटीएस करेगी छांगुर के अड्डे की पड़ताल

उतरौला के छांगुर की गोंडा में भी जड़े गहरी थीं। धानेपुर क्षेत्र के रेतवागाड़ा में उसकी पैठ बताई जा रही है। एटीएस को रेतवागाड़ा के रमजान की तलाश है, जिससे छांगुर के अन्य सहयोगियों का पता चल सके। अयोध्या के करीब होने के कारण छांगुर गोंडा में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा था। रेतवागाड़ा के रमजान को अपना सहयोगी बनाया था और उसके जरिए वजीरगंज और नवाबगंज तक जाल बुन रहा था। एटीएस जानकारी जुटाने में लगी है, कभी एटीएस के कदम गोंडा की ओर बढ़ सकते हैं।

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