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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Weather Update: Farmers heartbroken due to heavy rains, 7.6 mm rain in the state on Tuesday, crops ruined

UP Weather Update : जोरदार बारिश से किसानों का कलेजा फटा, मंगलवार को प्रदेश में 7.6 मिमी बारिश, फसलें बरबाद

Tue, 21 Mar 2023 08:26 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 21 Mar 2023 08:26 PM IST
सार

मंगलवार को प्रदेश में तेज हवा चली। इस सत्र में अब तक 15.5 मिमी बारिश हो चुकी है जो सामान्य रूप से 6.9 मिमी होती है। कुल 124 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। इसमें में पिछले चार दिनों ने हालत खराब कर दी है। लगातार हो रही इस बारिश का असर सभी फसलों पर पड़ा है।

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UP Weather Update: Farmers heartbroken due to heavy rains, 7.6 mm rain in the state on Tuesday, crops ruined
लखनऊ में मौसम का हाल। - फोटो : amar ujala

विस्तार

आसमान पर छाई काली घटाएं ऐसी बरसीं कि किसानों के कलेजे फटने की नौबत आ गई। प्रदेश भर में तेज हवा के साथ बारिश हुई जिससे कई जिलों में फसलें बरबाद हो गई हैं। 50 किमी प्रति घंटा से भी तेज गति से हवा चली। इस दिन पूरे प्रदेश में 7.6 मिमी औसत बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले कई दिन अभी बारिश होगी। हालांकि अब इसका असर कम होगा।

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कई दिन से मौसम खराब है। मंगलवार को प्रदेश में तेज हवा चली। इस सत्र में अब तक 15.5 मिमी बारिश हो चुकी है जो सामान्य रूप से 6.9 मिमी होती है। कुल 124 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। इसमें में पिछले चार दिनों ने हालत खराब कर दी है। लगातार हो रही इस बारिश का असर सभी फसलों पर पड़ा है। सरसों, गेहूं की फसल बुरी तरह से बरबाद हुई है। इसके अलावा तेज हवा ने अब आम की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। कई जिलों में आम का बौर झड़ गया। आलू की खोदाई रुक गई। जहां आलू खोदा जा चुका है और खेतों में पड़ा है, वहां उसमें गलाव शुरू होने का डर है। यही हाल सब्जियों का भी होना शुरू हो गया है। खास तौर से बेल वाली सब्जियों में गलन शुरू हो जाएगी।

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उत्पादन गिरने की आशंका
इस मौसम से गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। प्रदेश में वर्ष 2021-2022 में 364.59 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादित हुआ था। वर्ष 2022-2023 में यह लक्ष्य 390.07 लाख मीट्रिक टन तय किया गया था। जिस तरह से मौसम की मार पड़ी है, उसमें लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल लग रहा है। इसी तरह से वर्ष 2021-2022 में प्रदेश में 12.38 लाख मीट्रिक टन तिलहन का उत्पादन हुआ। इस साल सरकार ने खूब मशक्कत की। तिलहन के बीजों की नौ लाख से ज्यादा मुफ्त में मिनी किट बांटी गईं। रकबा भी बढ़ा। इस बार 16.26 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया। जिस तरह से मौसम ने सरसों तथा अन्य तिलहन की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, उससे इस लक्ष्य तक जाना भी दुश्वार होगा।
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सरकार ने माना चार ही जिलों में नुकसान
सरकार को सूचना मिली कि सात जिलों में भारी ओलावृष्टि हुई है। आकलन के बाद माना कि इनमें से चार जिलों को ही फसल को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। इसके लिए राहत आयुक्त ने सभी सात जिलाधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर निर्देश दिए। बताया कि हमीरपुर की तहसील सरीला में 392 किसानों की 271.83 हेक्टेयर फसल को नुकसान हुआ। राहत के लिए लिए 46 लाख रुपये की जरूरत होगी। ललितपुर के चार गांवों में 2000 किसानों की फसल नष्ट हुई। इन्हें राहत देने के लिए 2.11 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। प्रयागराज में 10030 किसानों की 4454 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई। राहत के लिए 6.01 करोड़ की आवश्यकता होगी। वाराणसी में 480 किसानों की 301.723 हेक्टेयर फसल ओले से प्रभावित हुई। राहत के लिए 76.58 लाख रुपये की आवश्यकता है। इसके अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र एवं महोबा में भी ओले पड़े पर किसानों को 33 प्रतिशत से कम नुकसान होना माना गया।

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