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यूपी: प्रदेश के दो जिले बाढ़ की चपेट में, श्रावस्ती से 11 और कुशीनगर से 76 लोगों को किया गया रेस्क्यू

Sun, 07 Jul 2024 07:53 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 07 Jul 2024 07:53 PM IST
सार

Flood In UP: प्रदेश के दो जिलों श्रावस्ती और कुशीनगर में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नेपाल से अचानक पानी का स्तर बढ़ जाने से इन जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। 

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UP: Two districts of the state are in the grip of flood, 11 people were rescued from Shravasti and 76 from Kus
प्रदेश के दो जिले बाढ़ की चपेट में। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद अचानक पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने से श्रावस्ती और कुशीनगर में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। नदी के किनारे बसे इलाकों में फसल और गृहस्थी प्रभावित हुई है। इसके देखते हुए सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तेज बारिश के दृष्टिगत संबंधित जिलों को तेजी से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्य पर नजर रखें और प्रभावित लोगों को मदद प्रदान करें। उन्होंने आपदा से हुई जनहानि से प्रभावित परिवारों को राहत राशि अविलंब देने को कहा। साथ ही, जिन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है अथवा पशु हानि हुई है, उन्हें भी वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए है। वहीं फसलों को हुए नुकसान का आकलन का शासन को रिपोर्ट देने को कहा।

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बता दें कि नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद अचानक पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने से श्रावस्ती और कुशीनगर में बाढ़ में फंसे 87 लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला गया है। कुशीनगर में 20 मवेशियों को भी बचाया गया। सीएम ने दोनों जिलों के डीएम को क्षतिग्रस्त फसल का 24 घंटे के अंदर सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा है। हालांकि अभी इन जिलों में स्थिति सामान्य है, कुछ ही इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ है। राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद देवघाट बैराज से 5,71,850 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया। वहीं मुख्यमंत्री ने रविवार सुबह नेपाल से छोड़े गये पानी से प्रभावित श्रावस्ती और कुशीनगर के डीएम से बातचीत कर हालात की जानकारी ली।
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चार लाख रुपये मुआवजा मिलेगा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ और जल जमाव की समस्या के प्रति सभी डीएम व नगर निकाय सतर्क दृष्टि रखें। अतिवृष्टि के कारण जल जमाव के खतरा बना हुआ है. इसका तत्काल समाधान निकालें। जिन क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण या नेपाल से आने वाली नदियों में अत्यधिक पानी के कारण जलभराव हो गया है, वहां जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पीड़ित परिवारों को जिला प्रशासन सुरक्षित स्थानों एवं शिविरों में भेजकर राहत सामग्री का वितरण करे। आकाशीय बिजली या अन्य प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि के मामलों में 24 घंटे के अंदर राहत राशि (मृत्यु की दशा में चार लाख रुपये) स्थानीय जनप्रतिनिधि के माध्यम से प्रभावित परिवार को दी जाये।

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तटबंधों के स्पर से टकरा रही सरयू, बाढ़ की दस्तक

UP: Two districts of the state are in the grip of flood, 11 people were rescued from Shravasti and 76 from Kus
कई इलाकों में बढ़ रहा है जलस्तर। - फोटो : amar ujala

लगातार बारिश और बैराजों के पानी से सरयू नदी खतरे का निशान छूने के लिए बेताब है। सरयू, शारदा व गिरिजा बैराज से छोड़े गए करीब तीन लाख 60 हजार क्यूसेक पानी से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सरयू की धारा अब तटबंध के स्पर से टकरा रही है। स्पर तटबंधों को सुरक्षित करने के लिए बने हैं। यदि इसमें कटान हुई तो धारा सीधे तटबंध से टकराएगी। चंदापुर किटौली के पास नदी का रुख तटबंध की ओर मुड़ रहा है। इससे यहां कटान की आशंका के चलते अधिकारी सुरक्षा के काम कराने में जुट गए हैं। इसके अलावा बेलसर विकासखंड अंतर्गत ऐली-परसौली में गोड़ियनपुरवा व बिसुनपुरवा आदि तटवर्ती गांवों के पास नदी की कटान तेज हो गई है।

सरयू नदी रविवार को खतरे के निशान से मात्र 77 सेंटीमीटर दूर ही रह गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को एल्गिन ब्रिज से सुबह नदी में दो लाख 69 हजार 455 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ऐसे में सोमवार तक सरयू नदी खतरे के निशान तक पहुंच सकती है। बढ़ते जलस्तर के कारण एल्गिन चरसड़ी बांध की तरफ नदी का पानी जमा होने लगा है। नदी का बहाव भी तेज हो गया है। अधिकारियों की टीम लगातार सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है, जहां कहीं भी दिक्कत होती है उसे ठीक करने की कवायद तेज हो जाती है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह व अवर अभियंता रवि वर्मा ने बताया कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध की सीसीटीवी कैमरों से नियमित निगरानी की जा रही है।

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