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यूपी : अंसार गजवातुल हिंद के दो आतंकियों को 20 माह 29 दिन की सजा, एनआईए के विशेष न्यायाधीश ने दोषी ठहराया
Sat, 29 Nov 2025 08:23 AM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Sat, 29 Nov 2025 08:23 AM IST
सार
एनआईए कोर्ट ने अंसार गजवातुल हिंद से जुड़े आतंकियों मोहम्मद मुस्तकीम और शकील को यूपी में आतंकी गतिविधियों की साजिश के तहत अवैध हथियार रखने के आरोप में 20 माह 29 दिन की सजा सुनाई।
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कोर्ट ने सुनाई सजा
विस्तार
लखनऊ में भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और उत्तर प्रदेश में ब्लास्ट करने के लिए हथियार और विस्फोटक एकत्र करने का षड्यंत्र रचने के आरोपी अलकायदा के सहयोगी संगठन अंसार गजवातुल हिंद के आतंकी मोहम्मद मुस्तकीम और शकील को एनआईए के विशेष न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी ने सजा सुनाई है। दोनों को आयुध अधिनियम के आरोपों में दोषी ठहराकर 20 माह 29 दिन के कारावास से दंडित किया गया है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगा है।
इसके पहले आरोपी मोहम्मद मुस्तकीम और शकील ने तीन नवंबर को कोर्ट में अर्जी और बयान देकर जुर्म स्वीकार किया था। कहा था कि मोहम्मद माईद ने एक अवैध पिस्टल और चार कारतूस मुस्तकीम को दी थी। पिस्टल मुस्तकीम ने मिनहाज को दी थी।
बताया गया कि हथियार और गोला बारूद पकड़े जाने के पहले यह पिस्टल शकील के पास भी रही। इसी पिस्टल को एटीएस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के समय 11 जुलाई 2021 को बरामद किया था। आरोपी की जुर्म स्वीकृति की अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को उसकी जेल में बिताई अवधि से दंडित किया है।
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इसके पहले आरोपी मोहम्मद मुस्तकीम और शकील ने तीन नवंबर को कोर्ट में अर्जी और बयान देकर जुर्म स्वीकार किया था। कहा था कि मोहम्मद माईद ने एक अवैध पिस्टल और चार कारतूस मुस्तकीम को दी थी। पिस्टल मुस्तकीम ने मिनहाज को दी थी।
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बताया गया कि हथियार और गोला बारूद पकड़े जाने के पहले यह पिस्टल शकील के पास भी रही। इसी पिस्टल को एटीएस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के समय 11 जुलाई 2021 को बरामद किया था। आरोपी की जुर्म स्वीकृति की अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को उसकी जेल में बिताई अवधि से दंडित किया है।
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11 जुलाई को एटीएस ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
एनआईए के वकील ने कोर्ट में बताया कि इस मामले की रिपोर्ट 11 जुलाई को एटीएस के निरीक्षक सुशील कुमार सिंह ने गोमतीनगर थाने में दर्ज कराई थी। बाद में मामला एनआईए को सौंप दिया गया। एनआईए ने इस मामले में 29 जुलाई 2021 को दूसरी रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना शुरू की।इसमें पता चला कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान बॉर्डर से आतंकवादी गतिविधियां संचालित करने वाले अलकायदा के आतंकी उमर हेलमंडी ने भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए संगठन में सदस्यों की भर्ती करने के निर्देश दिए हैं।
इस पर जम्मू कश्मीर स्थित अलकायदा के आतंकी ने आरोपी मिनहाज को ऑनलाइन संपर्क किया। आरोपी मिनहाज ने आतंकियों के साथ साजिश में शामिल होकर अलकायदा के सहयोगी संगठन अंसार गजवातुल हिंद के लिए सदस्यों की भर्ती की। कहा गया कि मिनहाज ने मुशीरुद्दीन को यूपी में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए भर्ती किया। मिनहाज और मुशीर ने धमाके करके भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हथियार, बम एकत्र किए और धमाकों का स्थान चिह्नित किया।
ये लोग भी साजिश में शामिल थे
अन्य तीनों आरोपी शकील, मोहम्मद मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद भी इस साजिश में शामिल थे। इस जानकारी पर एटीएस ने सबसे पहले मुशीरुद्दीन और मिनहाज को गिरफ्तार करके भारी मात्र में हथियार और विस्फोटक बरामद किया था। पूछताछ में मिनहाज ने बताया कि उसने मुस्तकीम को गोला बारूद इकट्ठा करने का निर्देश दिया था।मुस्तकीम ने मोहम्मद मोईद से संपर्क किया तो उसने एक पिस्टल मुस्तकीम को मुहैया कराई थी, जिसे उसने एजाज नाम के आदमी से खरीदी थी। एनआईए ने विवेचना के दौरान मोहम्मद मोईद और शकील को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ साक्ष्य मिलने पर चार्जशीट दायर की थी।