फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Turtles will be released in Ayodhya's Saryu River, and alligators will be brought to the Ghaghra-Ganga ri

यूपी: अयोध्या की सरयू नदी में छोड़े जाएंगे कछुए, घाघरा-गंगा में लाए जाएंगे घड़ियाल; इसलिए हुआ ये फैसला

Sun, 02 Nov 2025 08:43 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 02 Nov 2025 08:43 AM IST
सार

Turtles in Ghaghra River: अयोध्या की सरयू नदी में बड़े पैमाने पर कछुए छोड़े जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इनका देखना शुभ माना जाता है। 

विज्ञापन
UP: Turtles will be released in Ayodhya's Saryu River, and alligators will be brought to the Ghaghra-Ganga ri
सरयू नदी में कछुए। - फोटो : freepik

विस्तार

यूपी का वन्यजीव विभाग अयोध्या में श्रद्धालुओं को कछुओं के दर्शन के खास इंतजाम कर रहा है। डेढ़ साल पहले अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस से तस्करी करके ले जाए जा रहे 29 कछुए प्रजाति के इन कछुओं और घड़ियाल के शावकों को लखनऊ में रखा गया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कछुओं के शावक अब नदी में छोड़े जाने के योग्य हो चुके हैं। इसलिए इन्हें नवंबर माह में ही सरयूजी में छोड़ दिया जाएगा। जबकि, अभी घड़ियाल के शावकों की लंबाई दो मीटर से कम होने के कारण ये नदी में छोड़े जाने लायक नहीं हुए हैं।

विज्ञापन


क्यों माना जाता है कछुओं का दर्शन शुभ
कूर्म अवतार भगवान विष्णु का दूसरा अवतार माना जाता है, जिसमें वे कछुए (कूर्म) के रूप में प्रकट हुए थे। यह अवतार समुद्र मंथन की घटना के दौरान लिया गया था, ताकि मंदराचल पर्वत को सहारा दिया जा सके, जो मंथन के लिए मथनी का काम कर रहा था। इस तरह उन्होंने देवताओं को समुद्र से अमृत और अन्य चौदह रत्नों को प्राप्त करने में मदद की।

विज्ञापन

घाघरा और गंगा में छोड़े जाएंगे 107 घड़ियाल

वन विभाग ने घड़ियाल के 53 शावकों को बाराबंकी में घाघरा नदी और 54 को हस्तिनापुर (मेरठ) में गंगा में छोड़ने के आदेश भी दे दिए हैं। घड़ियाल के इन शावकों का जन्म 2023 में हुआ था। इन 107 घड़ियालों को नवंबर से फरवरी के बीच नदियों में छोड़ा जाएगा।

नदियों में छोड़ने से पहले होगी स्वास्थ्य की जांच
कछुओं को नदी में छोड़ने से पहले उनके स्वास्थ्य की भी जांच की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि वे अपना भोजन स्वयं जुटाने में सक्षम हैं कि नहीं। कोई बीमारी तो नहीं। यह जांच वन्यजीव चिकित्सक करेंगे।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed