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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Treatment of mental illnesses will be done from district hospitals to CHC, training of 750 doctors completed

यूपी : जिला अस्पतालों से सीएचसी तक होगा मानसिक बीमारियों का इलाज, 750 डॉक्टरों का प्रशिक्षण पूरा

Wed, 23 Jun 2021 07:20 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 23 Jun 2021 07:20 PM IST
सार

मरीजों की उपचार के साथ ही काउंसलिंग भी की जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के करीब 50 से ज्यादा जिले में शुरू कर दी गई है। जुलाई तक सभी जिलों में ये सुविधा मिलेगी।

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UP: Treatment of mental illnesses will be done from district hospitals to CHC, training of 750 doctors completed
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों में तनाव, अवसाद सहित अन्य समस्याओं के उपचार की पुख्ता व्यवस्था बनाई गई है। अब हर जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तक में मानसिक बीमारियों का इलाज होगा। इतना ही नहीं मरीजों की उपचार के साथ ही काउंसलिंग भी की जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के करीब 50 से ज्यादा जिले में शुरू कर दी गई है। जुलाई तक सभी जिलों में ये सुविधा मिलेगी।

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कोरोना की वजह से मानसिक रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना के बाद भय, चिंता की वजह से उम्रदराज लोगों की परेशानी बढ़ी है। इन पोस्ट कोविड मरीजों को मानसिक उपचार देने के लिए जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक इलाज की व्यवस्था बनाई गई है। इसकेलिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एमबीबीएस डिग्रीधारी चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। लखनऊ में केजीएमयू के अलावा वाराणसी, आगरा एवं बरेली के अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सकों को मानसिक बीमारी केउपचार की ट्रेनिंग दी गई है। अब तक 750 एमबीबीएस डॉक्टरों को मानसिक बीमारी की बेसिक ट्रीटमेंट ट्रेनिंग दी गई है। 
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हर अस्पताल में बना 20 बेड का वार्ड
सभी जिला अस्पतालों में मानसिक बीमारी केमरीजों केलिए 20 बेड का वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड को मेडिसिन विभाग के तहत तैयार किया गया है। इसमें 10 बेड महिला और 10 बेड पुरुष के लिए रखे गए हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
प्रदेश में मानसिक रोग विशेषज्ञों की कमी है, जबकि मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में एबीबीएस चिकित्सकों को प्रशिक्षित कराया जा रहा है। कोविड काल में डिप्रेशन, साइकोसिस, स्ट्रेस डिसऑर्डर, एंजाइटी डिसऑर्डर के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
डा. सुनील कुमार पांडेय, नोडल आफिसर, स्टेट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम

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