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UP: स्टांप विभाग के 88 उपनिबंधकों और 114 कनिष्ठ सहायकों का ट्रांसफर निरस्त, सीएम योगी ने दिया आदेश
Mon, 23 Jun 2025 07:43 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 23 Jun 2025 07:43 PM IST
सार
स्टांप एवं पंजीयन विभाग में तबादलों में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद सभी ट्रांसफर निरस्त कर दिए गए हैं। इस संबंध में विभाग के मंत्री ने सीएम योगी के आदेश के बाद आदेश जारी कर दिया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
स्टांप एवं पंजीयन विभाग में आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के फंसने के बाद सोमवार को शासन ने सभी 202 ट्रांसफर निरस्त कर दिए। निरस्तीकरण के आदेश के साथ ही विभाग में खलबली मची है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टालरेंस रुख के बाद स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने इस मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
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स्टांप व पंजीयन विभाग में उप-निबंधकों और कनिष्ठ सहायकों के स्थानांतरण व नियुक्ति के मामले में प्रदेश भर से तमाम शिकायतें स्टांप व पंजीयन मंत्री को मिल रही थीं। जिसमें आईएएस अधिकारी आईजी स्टांप समीर वर्मा पर गंभीर आरोप गए थे। रवीन्द्र जायसवाल ने इस मामले की शिकायत लिखित में स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी।
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इस पर उन्होंने सभी स्थानांतरण तत्काल स्थगित करने तथा मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को 59 कार्यरत व 29 नव-प्रोन्नत उप-निबंधकों और 114 कनिष्ठ सहायकों के स्थानांतरण में अनियमितता मिलने पर रोक लगा दी गई थी।
सोमवार को प्रमुख सचिव स्टांप ने सभी 202 ट्रांसफर निरस्त करने का शासनादेश जारी कर दिया। इसी के भ्रष्टाचार के आरोपों में लिप्त मुख्यालय से लेकर जिलों में तैनात अधिकारियों की जांच शुरु हो गई है। इसके अलावा मोटी रिश्वत देकर मलाईदार पोस्टिंग पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की गोपनीय समीक्षा भी की जा रही है। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री ने रिश्वत देकर कुर्सी पाने वाले या लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।