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यूपी : तीन हफ्ते में होगी तीन लाख सैंपल की जांच, ग्राम से लेकर जिला स्तर तक की इकाइयों की भी जिम्मेदारी तय, 13 अप्रैल तक चलेगा विशेष अभियान

Sun, 03 Apr 2022 08:46 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 03 Apr 2022 08:46 PM IST
सार

स्वास्थ्य विभाग का प्रदेश को वर्ष 2025 से पहले क्षय मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा है। इसके तहत टीबी मरीजों को चिन्हित कर उनकी जांच कराई जा रही है।

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UP: Three lakh samples will be tested in three weeks, responsibility of units from village to district level also fixed, special campaign will run till April 13
टीबी

विस्तार

प्रदेश को क्षयमुक्त करने के लिए तीन हफ्ते में तीन लाख सैंपल की जांच की जाएगी। इसकी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक की इकाइयों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग का प्रदेश को वर्ष 2025 से पहले क्षय मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा है। इसके तहत टीबी मरीजों को चिन्हित कर उनकी जांच कराई जा रही है। प्रदेश में इस बार करीब 14000 आयुष्मान भारत के तहत चलने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। तीन हफ्ते का विशेष अभियान चलाकर तीन लाख टीबी के सैंपल की जांच का लक्ष्य तय किया गया है। इस काम में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की मदद में ग्राम प्रधान, आशा, आशा संगिनी, आंगनबाड़ी, एएनएम और क्षेत्र के टीबी चैम्पियन को भी लगाया गया है। 
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प्रदेश के हर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को क्षय रोगियों के चिन्हीकरण, जांच, उपचार, एडहेरेंस, निक्षय पोषण योजना के तहत डीबीटी, काउंसिलिंग और मनोसामाजिक सहयोग प्रदान करने का जिम्मा सौंपा गया है । 24 मार्च से शुरू हुआ यह अभियान13 अप्रैल तक चलेगा। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सभी जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया है कि अभियान की सफलता के लिए निरंतर निगरानी की जाएं। अभियान के दौरान पंजीकृत होने वाले हर टीबी मरीज को हर माह 500 रुपये निक्षय पोषण योजना के तहत सीधे बैंक खाते में भेजे जाएंगे।
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किसे क्या मिली जिम्मेदारी
आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के संभावित मरीजों की सूची एएनएम को देंगी और एएनएम सैम्पल लेकर नजदीकी जांच केंद्र को भेजेंगी। अगर कोई व्यक्ति केंद्र पर जाकर सैंपल देना चाहता है तो उसमें भी मदद करेंगी । सीएचओ मरीजों की सूचना को संकलित करेंगे और सैंपल की रिपोर्ट को अपडेट करेंगे ।


टीबी की पुष्टि जिन मरीजों में होगी उनको उपचार के लिए सीएचओ प्रेरित करेंगे और मरीज की सूचना को सेंटर पर सुरक्षित रखेंगे। हर जिले को आबादी के अनुपात में सैंपल कलेक्शन का लक्ष्य तय किया गया है । पॉजीटिवम रीजों का सैंपल सेंसटीविटी जांच के लिए सीएचओ नजदीकी केंद्र पर भेजेंगे। मरीजों को सीएचओ फर्स्ट लाइन उपचार की दवा भी मुहैया कराएंगे ।
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