UP: फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट व अन्य दस्तावेज बनाने वाले तीन जालसाज गिरफ्तार, लेते थे 15 से 20 हजार रुपये
यूपी एसटीएफ ने अलग-अलग शिक्षा बोर्ड, यूनिवर्सिटी की मार्कशीट सहित फर्जी दस्तावेज बनाने वाले जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
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अलग-अलग शिक्षा बोर्ड, यूनिवर्सिटी की मार्कशीट, सर्टिफिकेट व अन्य फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए बृहस्पतिवार को यूपी एसटीएफ ने तीन जालसाजों बलरामपुर के तुलीसपुर निवासी अल्ताफ राजा, आलमबाग निवासी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव और मड़ियांव निवासी लक्ष्म राठौर को गिरफ्तार किया है। आरोपी 15 से 20 हजार रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज बनाते थे।
एसटीएफ के एडिशनल एसपी लाल प्रताप सिंह के मुताबिक रुपये लेकर विभिन्न शिक्षा बोर्ड, यूनिवर्सिटी , शैक्षिक संस्थानों की फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट एवं अन्य दस्तावेज बनाने के गैंग के लखनऊ में एक्टिव होने की सूचना मिल रही थी। तैयार करने की शिकायत प्राप्त हो रही थी।
इस सूचना पर बृहस्पतिवार को एसटीएफ की एक टीम ने पारा के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की बाउंड्री वाल के पास सर्विस लेन के पास से तीनों जालसाजों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 51 विभिन्न शिक्षा बोर्ड, यूनिवर्सिटी की मार्कशीट्स, सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर सर्टिफिकेट व वेरिफिकेशन दस्तावेज, 2 लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, चार फर्जी मोहर, एक कार और एक बाइक मिली।
कई फर्जी वेबसाइट बनाकर कर रहे थे काम
पूछताछ में पकड़े गए आरोपी अल्ताफ राजा ने बताया कि वह पहले दिल्ली में डॉ एसपी पांडेय के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट बनाकर मार्कशीट बनाने का काम करता था। वर्ष 2017 में पुलिस ने उसको और डॉ. एसपी पांडेय को गिरफ्तार किया था। इसके बाद वर्ष 2019 में लक्ष्य राठौर थाना चाणक्यपुरी दिल्ली में अन्य साथियों के साथ इसी मामले में जेल गया था। जेल से छूटने के बाद लखनऊ आकर फर्जी दस्तावेज बनाने का काम करने लगा। इस काम के लिए अल्ताफ ने गो डेडी और बिग रॉक पर bhsedelhi.org, bhsenewdelhi.org, bhsedelhiboard.net, technoglobaluniversitymp.org. dsosresults.co.in, riosupresults.org, bujhanshiresults.org, bssbpatnaresults.co.in, himalayanuniversityresults.com, hsebdelhi.org नाम से कुछ फर्जी वेबसाइड बनाई थी। गैंग के लोग इन वेबसाइट के माध्यम से फर्जी मार्कशीट अपलोड करते थे। फर्जी मार्कशीट के आधार पर लोग विभिन्न संस्थानों में नौकरी हासिल कर लेते थे। इतना ही नहीं आरोपी उनका ऑनलाइन व ऑफलाइन वेरीफिकेशन भी कर देता था।
कोरियर के माध्यम से भेजे थे फर्जी दस्तावेज
फर्जी मार्कशीट व अन्य दस्तावेज बनवाने वालों से जालसाज प्रति दस्तावेज 15 से 20 हजार रुपये वसूलते थे। रुपये मिलने के बाद आरोपी बताए गए पते पर कोरियर के माध्यम से फर्जी दस्तावेज भिजवा देते थे। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि अब तक लखनऊ में वह लोग करीब दो हजार से अधिक फर्जी दस्तावेज बना कर बेच चुके हैं। आरोपी कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वह फर्जी मार्कशीट बनाने के मामले में वह वर्ष 2009 में थाना विकासनगर से जेल गया था और उसके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जा चुकी है। अब एसटीएफ इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगी है।