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यूपी: पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के दोषियों को मिलेगा आजीवन कारावास, एक करोड़ जुर्माना, सदन में पेश हुआ विधेयक

Mon, 29 Jul 2024 11:17 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 29 Jul 2024 11:17 PM IST
सार

Paper leak: यूपी में पेपर लीक कराने या सॉल्वर गैंग से जुड़ने पर आजीवन कारावास होगा। साथ ही एक करोड़ जुर्माना भी देना होगा। सोमवार को दोनों सदनों में यह विधेयक पेश हुआ। 

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UP: Those guilty of paper leak and solver gang will get life imprisonment, one crore fine, bill introduced in
सीएम योगी - फोटो : amar ujala

विस्तार

 प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं आदि में पेपर लीक कराने और सॉल्वर गैंग के गिरोह के सदस्यों को आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये जुर्माने तक की सजा होगी। सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किए गए उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक में इसका प्रावधान किया गया है।

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इस विधेयक के दायरे में उन कर्मचारियों को भी लाया गया है, जिनके द्वारा परीक्षा संबंधी कार्य के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करने पर पेपर लीक की घटना होगी। ऐसे कर्मियों को सात साल तक की सजा और जुर्माने से दंडित किया जा सकेगा।
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विधेयक में परीक्षा संबंधी कार्य करने वाली कंपनियों को भी उत्तरदायी बनाते हुए दंडित करने का नियम बनाया गया है। वहीं पेपर लीक गिरोह और सॉल्वर गिरोह के सदस्यों की संपत्तियों को भी जब्त किया जा सकेगा।
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वहीं अनुचित साधनों में कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स के इस्तेमाल के इस्तेमाल अथवा उससे छेड़खानी को भी दायरे में लाया गया है। हालांकि इसमें सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। फर्जी प्रवेश पत्र अथवा ऑफर लेटर जारी करने पर भी सजा होगी। इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध संज्ञेय, गैर-जमानतीय, अशमनीय और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय होंगे।

चार अधिनियम और 12 विधेयक पटल पर रखे गए

 विधान परिषद के दूसरे सत्र में चार अधिनियमों की घोषणा की गई। पहले दिन सदन में 12 अध्यादेश में पेश किए गए। इसके बाद सभापति डा. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’ मंगलवार सुबह 11 बजे तक सदन स्थगित कर दिया। विधान परिषद के प्रमुख सचिव चार अधिनियमों की घोषणा की। इसमें उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश विनियोग विधेयक, उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त व उप लोक आयुक्त (संशोधन) विधेयक और उत्तर प्रदेश लिफ्ट एंड एस्केलेटर विधेयक चौथा अधिनियम बना।

ये अध्यादेश पटल पर रखे गए-
उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अध्यादेश
उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (लोक प्रयोज्नार्थ प्रबंध व उपयोग) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश
उत्तर प्रदेश आपराधिक विधि संशोधन अध्यादेश
उत्तर प्रदेश विशेष विधियां (संशोधन) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय ( द्वितीय संशोधन) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पांचवा संशोधन) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (छठा संशोधन) अध्यादेश
उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश

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