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यूपी : इस बार मदरसों में ही कैमरे की नजर में होंगी मुंशी मौलवी और आलिम की परीक्षाएं, अनुदानित या स्थायी मदरसों में कराई जा सकती है परीक्षा

Mon, 04 Apr 2022 07:33 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 04 Apr 2022 07:33 PM IST
सार

डॉ. जावेद के मुताबिक ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि अनुदानित और स्थायी मदरसों में ही इन परीक्षाओं को संपन्न कराया जाए। इसके लिए कैमरे लगाए जाएं ताकि परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

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UP: This time the examinations of Munshi Maulvi and Alim will be in the eyes of the camera in the madrasas itself, the examination can be conducted in aided or permanent madrasas
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

यूपी बोर्ड की तर्ज पर इस बार मदरसा बोर्ड की भी परीक्षाएं मदरसों में ही कैमरे की नजर में कराने की तैयारी है। इस बाबत सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर इस योजना पर काम करें। जोरशोर से इसकी तैयारियों को अमली जामा पहनाने की मशक्कत शुरू हो गई है।

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14 मई से मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं हैं। सेकेंडरी (मुंशी/मौलवी) एवं सीनियर सेकेंडरी (आलिम) की परीक्षाएं शुरू होनी हैं। बोर्ड चेयरमैन डा. इफ्तिखार जावेद ने बताया कि जिस समय ये परीक्षाएं होंगी, उसी समय यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्याकंन होगा। बहुत से जिलों केजिला विद्यालय निरीक्षकों ने यह तर्क दिया कि यूपी बोर्ड के शिक्षक इस समय पुस्तिकाओं के मूल्याकंन में व्यस्त रहेंगे। साथ ही काफी विद्यालयों में भी यह काम चलेगा क्योंकि  उन्हें मूल्यांकन केंद्र बनाया जाएगा। ऐसे में मदरसों की परीक्षाओं की वैकल्पिक व्यवस्था यदि हो जाए तो ठीक रहेगा।
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डॉ. जावेद के मुताबिक ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि अनुदानित और स्थायी मदरसों में ही इन परीक्षाओं को संपन्न कराया जाए। इसके लिए कैमरे लगाए जाएं ताकि परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। गौरतबल है कि इस बार मदरसोें में अध्ययन का नया सत्र भी लेट चल रहा है। कोरोना महामारी के कारण पठन पाठन लेट हुआ। फिर रमजान का महीना होने के कारण इसके बाद ही परीक्षाओं का कार्यक्रम तय किया है। यूपी मदरसों में इन परीक्षाओं के लिए लगभग सवा लाख छात्र हैं। प्रदेश में कुल 558 अनुदानित मदरसे हैं। इसके अलावा 7442 आधुनिक मदरसे हैं।
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बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से कहा है कि जिला प्रशासन से समन्वय रखें। प्रशासन यदि यूपी बोर्ड के विद्यालयों में परीक्षा कराना चाहे तो कोई परेशानी नहीं होगी। यदि ऐसा नहीं होगा तो मदरसों में पूरी व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा कराने की तैयारी मुकम्मल की जाए।
- एसएन पांडेय, रजिस्ट्रार मदरसा बोर्ड

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