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यूपी : परियोजना पूर्ण होने में देरी पर तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी, राज्य गंगा समिति गवर्निंग परिषद की बैठक में मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
Tue, 09 Nov 2021 08:59 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 09 Nov 2021 08:59 PM IST
सार
उन्होंने विलंब के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। वे मंगलवार को राज्य गंगा समिति गवर्निंग परिषद की 8वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने गंगा नदी को स्वच्छ करने के लिए उसके किनारे निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं में विलंब होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने विलंब के लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। वे मंगलवार को राज्य गंगा समिति गवर्निंग परिषद की 8वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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उन्होंने नमामि गंगे के तहत संचालित सीवरेज परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने गंगा व सहायक नदियों के किनारे स्थित जिलों में गंगा समितियों का गठन करने के भी निर्देश दिए। कहा, उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभागों के कामों का विभागवार प्रचार-प्रसार किया जाए। सभी विवि, कॉलेजों एवं स्कूलों को नमामि गंगे कार्यक्रम से जोड़ा जाए।
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प्रचार-प्रसार की गतिविधियों को जिलेवार विभागीय पोर्टल पर अपलोड किया जाए। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा पीपीपी मॉडल पर कुछ परियोजनाओं को विकसित करने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि एनजीटी में लंबित वादों की प्रभावी पैरवी व पारित आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने गंगा और उसकी सहायक नदियों में गिरने वाले नालों को टैप करने से पहले और टैप करने के बाद जल की गुणवत्ता का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी व प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव समेत कई अन्य अफसर शामिल हुए।
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