{"_id":"62603b6ea2a3b4593805f5eb","slug":"up-the-matter-of-buying-foreign-coal-reached-the-government-the-production-corporation-sent-a-letter-to-the-additional-chief-secretary-energy-and-sought-votes","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : विदेशी कोयला खरीदने का मामला शासन पहुंचा, विदेशी कोयले की खरीद हुई तो 70-80 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : विदेशी कोयला खरीदने का मामला शासन पहुंचा, विदेशी कोयले की खरीद हुई तो 70-80 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
Thu, 21 Apr 2022 01:17 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 21 Apr 2022 01:17 AM IST
सार
उपभोक्ता परिषद की याचिका पर राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से जवाब-तलब किए जाने के बाद विद्युत उत्पादन निगम ने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को पूरा मामला संदर्भित करते हुए इस पर शासन का मत मांगा है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश के ताप बिजलीघरों के लिए विदेशी कोयले की खरीद का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। उपभोक्ता परिषद की याचिका पर राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से जवाब-तलब किए जाने के बाद विद्युत उत्पादन निगम ने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को पूरा मामला संदर्भित करते हुए इस पर शासन का मत मांगा है। शासन को यह भी बताया गया है कि अगर विदेशी कोयले की खरीद की जाती है तो बिजली दरों में 70-80 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करनी पड़ सकती है।
विज्ञापन
उधर, विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि विदेशी कोयले से चलने वाली इकाइयों को कोल इंडिया द्वारा घरेलू कोयले की आपूर्ति किए जाने से संकट पैदा हुआ है। वहीं शासन भी पूरे मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो सरकार से बातचीत के बाद ही इस बाबत कोई अंतिम निर्णय किया जाएगा।
विज्ञापन
इस मामले में याचिकाकर्ता विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि केंद्रीय उर्जा मंत्री आरके सिंह ने 14 अप्रैल को बिहार की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कोयले की कोई कमी नहीं है। यही नहीं 6 अप्रैल को लोकसभा में भी कोयला मंत्री ने देश में कोयले की कमी न होने की बात कही थी।
विज्ञापन
इसके बाद 12 अप्रैल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी में सभी राज्यों की बैठक में सलाह दी गई की उत्तर प्रदेश 18 अप्रैल तक 22.5 लाख टन विदेशी कोयला खरीदने के लिए टेंडर जारी करे। वर्मा का कहना है कि यह सलाह उस वक्त जारी की गई जब प्रदेश में कोयले की कमी नहीं थी। राज्य सरकार को इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए।
विदेशी कोयले से चलने वाली इकाइयों को घरेलू कोयला दिया जा रहा
वर्मा ने कहा देश में लगभग 16000 मेगावाट क्षमता की विद्युत उत्पादन इकाइयां ऐसी हैं जो विदेशी कोयले के हिसाब से डिजाइन की गई हैं। इनमें से ज्यादातर बंद है क्योंकि वे महंगा विदेशी कोयला नहीं खरीदना चाहते। इन्हें घरेलू कोयले की आपूर्ति की गई, जिसकी वजह से यूपी समेत कुछ राज्यों में कोयले का संकट खड़ा हुआ है। इसके लिए कोल इंडिया ही जिम्मेदार है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब यूपी में कोयले की कमी नहीं है तो विदेशी कोयला खरीदने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है? राज्य सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए। वैसे भी अगर अभी विदेशी कोयले के लिए टेंडर होगा तो तीन-चार महीने बाद ही आपूर्ति होगी। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि मौजूदा बिजली संकट कैसे दूर होगा? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए विदेशी कोयले की खरीद पर रोक लगानी चाहिए।