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UP: विपणन विकास सहायता योजना से सेवा निर्यातकों को मिलेगी उड़ान, यूपी बना योजना लागू करने वाला पहला राज्य
Thu, 18 Dec 2025 09:50 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Thu, 18 Dec 2025 09:50 PM IST
सार
योजना में आवेदन ऑनलाइन होंगे। निर्यातक इकाइयों को मेला समाप्त होने की तिथि से 120 दिनों में आवेदन करना होगा। पात्र दावों के निस्तारण के बाद धनराशि डीबीटी से सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
प्रदेश सरकार ने सेवा क्षेत्र के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। नई उप्र निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 के तहत पहली बार सेवा निर्यातकों के लिए समर्पित विपणन विकास सहायता योजना लागू की गई है। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपस्थिति मजबूत करने के लिए वित्तीय सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही यूपी देश का पहला राज्य बन गया है जिसने सेवा निर्यात के लिए अलग और विशेष विपणन सहायता नीति लागू की है।
यह योजना प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर बनाएगी। योजना का लाभ उन्हीं सेवा निर्यातकों को मिलेगा जो निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो यूपी और उप्र निर्यात संवर्धन परिषद में पंजीकृत हों। साथ ही भारत सरकार द्वारा चिह्नित 12 चैंपियन सेवा क्षेत्रों के तहत निर्यात कर रहे हों और यूपी से उत्पन्न सेवाओं का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर रहे हों।
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विदेश में व्यापार मेलों, प्रदर्शनी और बायर सेलर मीट पर आयोजक संस्थाओं को कुल व्यय का 75 फीसदी अधिकतम एक करोड़ रुपये तक दिए जाएंगे। देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजनों के लिए अधिकतम 75 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। इस श्रेणी में न्यूनतम 20 सेवा निर्यातक इकाइयों की भागीदारी जरूरी होगी।
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यह योजना प्रदेश की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर बनाएगी। योजना का लाभ उन्हीं सेवा निर्यातकों को मिलेगा जो निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो यूपी और उप्र निर्यात संवर्धन परिषद में पंजीकृत हों। साथ ही भारत सरकार द्वारा चिह्नित 12 चैंपियन सेवा क्षेत्रों के तहत निर्यात कर रहे हों और यूपी से उत्पन्न सेवाओं का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर रहे हों।
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ऑनलाइन करना होगा आवेदन
योजना में आवेदन ऑनलाइन होंगे। निर्यातक इकाइयों को मेला समाप्त होने की तिथि से 120 दिनों में आवेदन करना होगा। पात्र दावों के निस्तारण के बाद धनराशि डीबीटी से सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी। स्टॉल किराये के व्यय का 75 फीसदी (अधिकतम 2 लाख रुपये) तथा एक व्यक्ति की इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा पर व्यय का 75 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये) दिया जाएगा। देश में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी पर स्टॉल किराये के लिए अधिकतम 50 हजार और यात्रा व्यय पर 25 हजार रुपये तक दिए जाएंगे।
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विदेश में व्यापार मेलों, प्रदर्शनी और बायर सेलर मीट पर आयोजक संस्थाओं को कुल व्यय का 75 फीसदी अधिकतम एक करोड़ रुपये तक दिए जाएंगे। देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजनों के लिए अधिकतम 75 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। इस श्रेणी में न्यूनतम 20 सेवा निर्यातक इकाइयों की भागीदारी जरूरी होगी।