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UP: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का हल्लाबोल, तीन घंटे तक चला धरना, सिटी स्टेशन सड़क किया जाम
Thu, 26 Feb 2026 05:04 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 26 Feb 2026 05:04 PM IST
सार
टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया और मार्च में होने वाले विरोध प्रदर्शन में दिल्ली जाम करने की चेतावनी दी।
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टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने किया प्रदर्शन।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने हल्ला बोला। सिटी स्टेशन की सड़क को जाम किया। शिक्षा भवन परिसर में तीन घंटे से अधिक समय तक धरना दिया। इस दौरान शिक्षकों में काफी रोष नजर आया। शिक्षकों ने चेतावनी दी, नई दिल्ली में मार्च में होने वाले देशव्यापी धरना के दौरान पूरी दिल्ली को जाम किया जाएगा।
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राजधानी सहित प्रदेश के परिषदीय विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद हर तरफ शिक्षकों का विरोध शुरू हुआ। बृहस्पतिवार को इसी सिलसिले में राजधानी के शिक्षकों ने भी एकजुटता का संदेश दिया। शिक्षा भवन परिसर में करीब एक हजार शिक्षक विभाग से आकस्मिक छुट्टी लेकर पहुंचे। पूरे परिषद को घेर लिया और इस दौरान विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी आने-जाने पर कुछ देर तक पाबंदी देखी गई।
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टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुधांशु मोहन ने बताया कि संगठन के आह्वान पर यहां सभी शिक्षक संघ के नेता,पदाधिकारी व विद्यालय में कार्यरत शिक्षक शामिल हुए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी शिक्षकों की टीईटी की अनिवार्यता का आदेश दिया। जो किसी भी स्तर पर सही नहीं है। कोर्ट के इस आदेश के बाद शिक्षक मानसिक प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया है। टीईटी अनिवार्यता के आदेश को खत्म करने की मांग की गई।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार-2009 के तहत जुलाई 2011 में लागू अधिनियम के अनुसार, शिक्षकों की टीईटी अनिवार्यता है जबकि उससे पहले वाले शिक्षकों के लिए नहीं है। कोर्ट ने अधिनियम को नजरअंदाज करने हुए सभी के लिए यह व्यवस्था लागू कर दी। जो कि शिक्षकों के साथ पूरी तरह से गलत है। इसी सिलसिले में बृहस्पतिवार को धरना दिया गया ताकि टीईटी अनिवार्यता से छूट मिले।