फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Teachers declare all-out war on TET requirement, say they will march to Delhi if relief is not granted; 2

यूपी: टीईटी अनिवार्यता पर आर-पार का एलान, शिक्षक बोले यदि राहत नहीं मिली करेंगे दिल्ली कूच

Tue, 10 Feb 2026 10:20 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजााला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजााला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 10 Feb 2026 10:20 PM IST
सार

TET in UP: टीईटी की अनिवार्यता पर शिक्षक संगठनों ने अब आर-पार के संघर्ष का एलान किया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिए गए बयान से शिक्षक संगठन संतुष्ट नहीं हैं। 

विज्ञापन
UP: Teachers declare all-out war on TET requirement, say they will march to Delhi if relief is not granted; 2
टीईटी को लेकर विरोध करते शिक्षक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश भर के परिषदीय शिक्षक संसद के वर्तमान सत्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता से राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि हाल ही में संसद में शिक्षा मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब से शिक्षक संगठन असंतुष्ट हैं। उन्होंने जल्द ही इस मामले में राहत न दिए जाने पर दोबारा आंदोलन शुरू करने व दिल्ली मार्च का एलान किया है।

विज्ञापन


टेट अनिवार्यता को लेकर देश भर के शिक्षक काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि संसद के बजट सत्र में केंद्र सरकार उन्हें कुछ राहत देने का एलान करेगी। किंतु हाल ही में लोकसभा में शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी द्वारा दिए गए उत्तर में किसी राहत की बात नहीं कही गई। इससे प्रदेश के लगभग दो लाख समेत देशभर के लगभग 20 लाख शिक्षक निराश हुए हैं।
विज्ञापन


टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि पूर्व में केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने शिक्षकों से कहा था कि वे उनके साथ हैं। अब संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं। केंद्र ने सभी राज्यों से जो आंकड़े व सूचनाएं मांगी थी, क्या वो सब झूठ है। उनके जवाब में भी राज्यों से सूचना मांगने और विचार करने का उल्लेख होना चाहिए था। ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय किसी को शांति से नहीं बैठने देगा। उन्होंने कहा कि जल्द सकारात्मक परिणाम न मिलने पर दोबारा आंदोलन पर निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हम सभी शिक्षकों को काफी पीड़ा हो रही है। जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है तो किसी भी जनप्रतिनिधि को इस तरह उत्तर देना न्यायालय के निर्देश कि अवमानना है। अभी न्यायायिक प्रक्रिया गतिमान है। हम सबको थोड़ा इंतजार करना होगा। इससे किसी भी शिक्षक का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।


उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार या एनसीटीई सर्वोच्च न्यायालय के टीईटी अनिवार्यता संबंधी आदेश को निरस्त करने में हस्तक्षेप नहीं करती है। या नियमावली में संशोधन करने में अपना सहयोग नहीं करती है तो देशभर के लाखों शिक्षक अपने हक के लिए दिल्ली मार्च करेंगे। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के जवाब से प्रदेश भर के शिक्षक चिंतित हैं। क्योंकि इसमें किसी तरह की राहत नहीं दी गई है।






 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed