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UP: ई-केवाईसी में फंसे शिक्षकों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड, डाटा फारवर्ड करने में बीएसए व बीईओ भी कर रहे देरी

Mon, 20 Jul 2026 08:12 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 20 Jul 2026 08:12 PM IST
सार

शिक्षकों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड बनाने की प्रक्रिया ई-केवाईसी और डाटा सत्यापन में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण प्रभावित हो रही है। बड़ी संख्या में आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। विभाग ने सभी पात्र शिक्षकों का शीघ्र पंजीकरण और स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के निर्देश दिए हैं।

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UP: Teachers' cashless medical cards stuck due to e-KYC issues; BSAs and BEOs also delaying data forwarding.
शिक्षक (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश में बेसिक व माध्यमिक के शिक्षकों के लिए सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का उद्घाटन कर दिया गया है। लगभग 150 शिक्षकों ने इसका लाभ भी ले लिया। किंतु अभी भी काफी संख्या में शिक्षकों के कैशलेस चिकित्सा कार्ड नहीं बन पाए हैं। शिक्षकों के अनुसार ई-केवाईसी करने में दिक्कत आ रही है। वहीं बीईओ भी कुछ जगह पर शिक्षकों का डाटा फारवर्ड नहीं कर रहे हैं।

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बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से लंबी कवायद के बाद शिक्षकों के लिए सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की गई है। हालांकि अभी भी इसके लिए छूटे हुए शिक्षकों के रजिस्ट्रेशन व डाटा अपडेशन की प्रक्रिया चल रही है। जानकारी के अनुसार बेसिक में 4.19 लाख से अधिक शिक्षकों के सापेक्ष 2.74 लाख शिक्षकों का आवेदन अप्रूव हुआ है। 53 हजार से ज्यादा का आवेदन बीईओ स्तर पर और 34 हजार से अधिक बीएसए स्तर पर लंबित है।

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परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी पूरी नहीं आ रही

शिक्षकों के स्तर पर 38 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। 18 हजार से अधिक के आवेदन बीएसए व बीईओ ने सुधार के लिए वापस किए हैं। शिक्षकों ने बताया कि ई-केवाईसी करने में दिक्कत आ रही है। कुशीनगर, हरदोई, सीतापुर, फतेहपुर आदि जिलों में ई-केवाईसी न होने से डाटा नॉट फाउंड लिखकर आ रहा है। जब वे ई-केवाईसी करते हैं तो परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी पूरी नहीं आ रही है।

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इसमें रसोइयों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिनका पहले से आयुष्मान कार्ड बना है। सीएमओ कार्यालय से उनके कार्ड भी डिसेबल नहीं किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ विभाग का कहना है कि यह दिक्कत साइट की है। इसमें सुधार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कई विकास खंड में बीईओ के चार्ज को लेकर भी दिक्कत है।


इससे वहां का डाटा नहीं फारवर्ड हो पा रही है। वहीं बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी अर्ह शिक्षकों का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन कराने व उनका स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जो पूर्व से ही केंद्र-राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित किसी स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।

 

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