यूपी: अर्थव्यवस्था को 10 खरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य नई सरकार के हवाले, पहले 2025 तक तय था लक्ष्य
यूपी सरकार ने कोविड महामारी के अर्थव्यवस्था पर पड़े नकारात्मक असर से लक्ष्य में बदलाव किया है। पहले 2025 तक तय लक्ष्य था। अब 2027 तक लक्ष्य प्राप्ति की नई समयसीमा तय की गई है।
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उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 10 खरब डॉलर तक ले जाने की समयसीमा में बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब यह लक्ष्य 2022-27 की पंचवर्षीय अवधि में हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। सरकार ने इस लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग के लिए कंसलटेंट चयन की कार्रवाई नए सिरे से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को अगले पांच वर्ष में 50 खरब डॉलर (5 ट्रिलियन डॉलर) तक ले जाने का एलान किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसमें 10 खरब डॉलर का योगदान यूपी से करने का लक्ष्य तय किया था। इसके लिए आईआईएम लखनऊ के साथ पूरे मंत्रिमंडल व शासन के अधिकारियों ने अध्ययन किया और इस लक्ष्य को पाने में सहयोग के लिए एक कसंलटेंट चयन का फैसला किया था। 2019 में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 2020-25 की कार्यावधि तय की गई थी। मगर इसी बीच कोविड महामारी से बचाव के लिए लगाए लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था बेपटरी हो गई, जो अब तक पूरी तरह से रफ्तार नहीं पकड़ पाई है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीच में इस लक्ष्य के लिए समयसीमा बढ़ाने का प्रस्ताव हुआ तो मुख्य सचिव ने इसे 2021-26 करने का सुझाव दिया। लेकिन जब यह प्रस्ताव सीएम के पास सहमति के लिए गया तो उन्होंने इसे 2022-27 तक करने की सहमति दी। दरअसल, यह विधानसभा चुनाव बाद नई सरकार की पंचवर्षीय कार्य अवधि है। उन्होंने इसी आधार पर कंसलटेंट चयन के लिए प्री-बिड कार्रवाई आगे बढ़ाने को मंजूरी दी है।
पूर्व में यह कार्रवाई शुरू की गई थी, जिसे निरस्त करना पड़ा था। अब कंसलटेंट चयन की कार्यवाही मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति करेगी। मुख्य सचिव ने इस समिति के सहयोग के लिए एक उप समूह के गठन का आदेश दिया है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में यह उप समूह गठित किया गया है।
उप समूह में ये शामिल
अध्यक्ष- संजीव कुमार मित्तल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त। सदस्य- अपर मुख्य सचिव कार्मिक डॉ. देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा अमृत अभिजात, डीएम गोरखपुर विजय किरन आनंद, डीएम बाराबंकी आदर्श सिंह और डीएम संतकबीरनगर दिव्या मित्तल। इसके अलावा एक विशेष आमंत्रित सदस्य- नामित अर्थशास्त्री।