यूपी: प्रदेश के हर जिले में खुलेंगे हृदयरोग, मूत्ररोग और कैंसर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, होंगे 200 बेड
Hospitals in UP: यूपी के हर जिले में अब हृदयरोग, मूत्ररोग, मष्तिष्क रोग और कैंसर के अस्पताल खोले जाएंगे। बड़े शहरों में 200 बेड होंगे तो वहीं छोटे अस्पतालों में 100 बेड की व्यवस्था हो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के हर जिले में हृदयरोग, मूत्ररोग, मष्तिष्क रोग और कैंसर के उपचार के लिए निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खुलेंगे। ग्रामीण इलाके में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खोलने वाले निवेशकों को सरकार ज्यादा सुविधाएं देगी। इसके लिए सरकार नई स्वास्थ्य नीति ला रही है। ये अस्पताल 17 नगर निगम क्षेत्र, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और 57 जिला मुख्यालय पर 200-200 बेड के होंगे। इसी तरह सभी 75 जिलों में जिला मुख्यालय से दूर 100-100 बेड के अस्पताल खोले जाएंगे।
प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तारित करने के साथ ही निजी अस्पतालों को भी बढावा दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से नई स्वास्थ्य नीति बनाई जा रही है। यह नीति पांच वर्ष के लिए होगी। जल्द ही कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिलेगी। नई नीति के जरिए निजी निवेशकों को आकर्षित करने, शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने की रणनीति है।
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर चुक हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि प्रदेश के स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे को विश्व स्तरीय बनाया जाए। निजी अस्पतालों को सुविधाएं देने के लिए तीन कैटेगरी बनाई गई है।
नई नीति की स्वीकृति मिलते ही अगले तीन मााह में कम से कम 20 जिलों में अस्पतालों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगा। शर्त यह है कि नए अस्पतालों में नर्सिंग, पैरामेडिकल और डॉक्टरों की नियुक्ति में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके। इन निजी अस्पतालों को सरकारी योजनाओं, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत डिजिटल आदि से भी जोड़ा जाएगा।
सरकार से क्या- क्या मिलेगी प्रमुख छूट
नई नीति में निवेशकों को भूमि खरीद में स्टाम्प ड्यूटी में शत प्रतिशत छूट, बिजली कनेक्शन में प्राथमिकता, जल्द अनुमोदन (एनओसी) की सुविधा दी जाएगी। भूमि विकास प्राधिकरण या सरकारी एजेंसियों द्वारा रियायती दर पर दी जाएगी।
बुंदेलखंड में प्राधिकरण की जमीन पर फीसदी की छूट
नई स्वास्थ्य नीति में मॉडल ए में 17 नगर नगर निगम क्षेत्र शामिल होंगे, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा भी होगा। इन क्षेत्रों में कम से कम 200 बेड वाले अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी अथवा शल्य चिकित्सा, रेडिएशन, आंकोलॉजी और प्रसूति एवं स्त्री रोग समेत अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। वहीं मॉडल बी के तहत 57 जिला मुख्यालय में 200 बेड के अस्पतालों की स्थापना की जाएगी। यहां पर भी मॉडल ए की सभी सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। विकास प्राधिकरण की भूमि पर 30 फीसदी छूट रहेगी, जबकि आकांक्षी और बुंदेलखंड में यह छूट 50 फीसदी हो जाएगी। इसी तरह निजी भूमि खरीदने पर सर्किल दर पर 50 फीसदी की छूट, आकांक्षी व बुंदेलखंड जिले में 75 फीसदी की छूट मिलेगी।
छोटे शहर में मिलेगी भरपूर छूट
मॉडल सी के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में 100 बेड के अस्पताल खोले जाएंगे। इन अस्पतालों में मरीजों को सामान्य चिकित्सा, सामान्य शल्य चिकित्सा और प्रसूति एवं स्त्री रोग आदि की सुविधा मिलेगी। मॉडल सी के तहत अस्पताल खोलने वाले निवेशकों को प्राधिकरण की भूमि पर 60 फीसकी की छूट, निजी भूम पर 50 फीसदी की छूट मिलेगी। लीज एग्रीमेंट पर भवन लेने पर स्टांप ड्यूटी में 75 फीसदी की छूट मिलेगी।