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UP: गन्ना बीज वितरण होगा हाईटेक, ऐप से होगी हर चरण की निगरानी; शोध केंद्र से खेत तक बीज की डिजिटल ट्रैकिंग
Fri, 17 Apr 2026 10:57 PM IST
Akash Dwivedi
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi
Updated Fri, 17 Apr 2026 10:57 PM IST
सार
प्रदेश में गन्ना बीज वितरण व्यवस्था हाईटेक होगी। नया मोबाइल ऐप बीज की उपलब्धता, मांग और आपूर्ति की ऑनलाइन निगरानी करेगा। शोध केंद्र से खेत तक डिजिटल ट्रैकिंग होगी। इससे 46 लाख किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेगा और कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
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गन्ना किसानों को मिली राहत (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के 46 लाख से अधिक गन्ना किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग बीज वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए सीड ट्रेस एंड ट्रैक मोबाइल एप लांच करने जा रहा है। एप के जरिए गन्ने के बीज की शोध केंद्र से लेकर किसानों के खेत तक डिजिटल निगरानी की जाएगी। ऐप दो महीने के भीतर लांच हो जाएगा।
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एडिशनल केन कमिश्नर वीके शुक्ला ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना है। अभी तक बीज वितरण कई चरणों जैसे शोध केंद्र, गन्ना विकास परिषद और नर्सरी से होकर गुजरता है, लेकिन इसकी प्रभावी ट्रैकिंग संभव नहीं हो पाती थी।
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नए सिस्टम से हर स्तर पर निगरानी आसान होगी और कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा। एप के जरिये किसान अपने मोबाइल पर ही बीज की उपलब्धता देख सकेंगे और ऑनलाइन मांग भी दर्ज कर सकेंगे। मांग के आधार पर गन्ना पर्यवेक्षक आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। इससे समय पर बीज मिलने की समस्या भी खत्म होगी।
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जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि एप का विकास उप्र रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर और गुजरात के बीआईएसएजी-एन संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह प्रोजेक्ट पीएम गति शक्ति योजना के तहत बिना अतिरिक्त खर्च के तैयार हो रहा है। मालूम हो कि प्रदेश में 46.50 लाख गन्ना किसान हैं। औसत उत्पादन 83.25 टन प्रति हेक्टेयर और कुल बोआई क्षेत्र 28.61 लाख हेक्टेयर है।