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UP: प्रतिबंधित पशुओं का मांस सप्लाई करने वाले नेटवर्क में सफेदपोश भी शामिल, चार साल में 100 करोड़ का माल भेजा
Fri, 26 Apr 2024 12:56 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 26 Apr 2024 12:56 AM IST
सार
मामले की जांच में सामने आया कि बीते करीब चार साल के दौरान 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रतिबंधित पशुओं के मांस की सप्लाई की जा चुकी है। बिक्री के बदले मिली रकम हवाला के जरिए आई।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खाड़ी देशों और दक्षिण अफ्रीका में प्रतिबंधित पशुओं का मांस भेजने वाले नेटवर्क के पीछे दिल्ली के कुछ सफेदपोशों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। एसटीएफ के अधिकारियों की मानें तो बिना किसी सफेशपोश का संरक्षण हासिल किए इतना बड़ा नेटवर्क संचालित करना मुश्किल है। यही वजह है कि एसटीएफ की टीम को हैदराबाद और चेन्नई भेजा जाएगा, जहां से विदेशों में सप्लाई की जा रही थी।
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एडीजी कानून-व्यवस्था एवं एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि अतीक के साथ उसके गैंग के बाकी सदस्यों जुबैर व गुलजार की तलाश भी की जा रही है। अतीक की गिरफ्तारी से इस मामले के कई अहम राज सामने आ सकते हैं। यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के द्वारा बीते करीब चार साल के दौरान 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रतिबंधित पशुओं के मांस की सप्लाई की जा चुकी है।
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इसकी बिक्री के बदले मिलने वाली रकम हवाला के जरिए आने की जांच भी शुरू कर दी गयी है। वहीं बिजनौर में भी इस नेटवर्क के तार खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि अतीक और लईक का बिजनौर में स्लॉटर हाउस था, जो 2019 में बंद हो चुका है। इसके बाद दोनों दिल्ली से गैरकानूनी तरीके से प्रतिबंधित पशुओं के मांस की सप्लाई करने लगे थे।
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