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Swami Prasad: स्वामी प्रसाद मौर्य से एसटीएफ ने की पूछताछ, निजी सचिव पर नौकरी के नाम पर ठगी का है आरोप
Tue, 26 Jul 2022 07:21 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 26 Jul 2022 07:21 PM IST
सार
मंत्री रहने के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य के निजी सचिव ने उनके कार्यालय में बैठकर नौकरी के नाम पर ठगी की थी। यूपी एसटीएफ ने मामले में स्वामी प्रसाद से पूछताछ की।
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सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व सपा के एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्या से एसटीएफ की टीम ने सोमवार को करीब डेढ़ घंटे की पूूछताछ की। पूर्व मंत्री से यह पूछताछ उनके निजी सचिव द्वारा किये गये करोड़ों की ठगी के संबंध में था। इस दौरान अरमान से संबंध के बारे में उन्होंने कुबूलनामा भी किया है। लेकिन उसके काम के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया।
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स्वामी प्रसाद मौर्य के निजी सचिव बताकर अरमान ने करोड़ों रुपये की ठगी की। उसने लोगों को नौकरी दिलाने व ट्रांसफर पोस्टिंग करने के नाम पर वसूली की थी। उसके खिलाफ हजरतगंज में मुकदमा दर्ज था। जिसमें एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसटीएफ ने इस मामले में अरमान के साथ तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
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एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक स्वामी प्रसाद से पूछताछ में अरमान से संबंध की बात कुबूल किया। उन्होंने पुलिस के सामने कहा कि अरमान के पिता उनके करीबी कार्यकर्ता थे। इसी कारण उसे जानता था। वह उनके साथ कई जगह आया गया। लेकिन वह क्या काम करता है। इसके बारे में वह नहीं जानते हैं। करीब डेढ़ घंटे तक पूर्व मंत्री से एसटीएफ के एसपी प्रमेश शुक्ला व डिप्टी एसपी दीपक सिंह की टीम ने पूछताछ की है।
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यह है मामला
कुछ महीने पहले एसटीएफ ने स्वामी प्रसाद मौर्य के निजी सचिव बताने बाले अरमान और उसके गिरोह के कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर लोगों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप था। एसटीएफ ने इनके कब्जे से बड़ी संख्या में बेरोजगारों के अंकपत्र, आधार कार्ड और कुछ फर्जी सरकारी दस्तावेज़ भी जब्त किए थे। यह फर्जीवाड़ा सामने आया था, तब स्वामी प्रसाद मौर्य मंत्री थे और कहा गया कि अरमान निजी सचिव है।