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लखनऊ: एजेंसियों तक नहीं पहुंचे इंडेन के 45,672 सिलिंडर, बात न बनी तो आम जनता को हो सकती है मुश्किल
Fri, 21 Aug 2026 09:43 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, सरोजनीनगर/लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, सरोजनीनगर/लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 21 Aug 2026 09:43 AM IST
सार
कम बिलिंग से नाराज इंडियन ऑयल एलपीजी गैस बॉटलिंग प्लांट के ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम कर दिया है और अपनी मांगों पर अड़ गए हैं।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
सरोजनीनगर के अमौसी स्थित इंडेन बॉटलिंग प्लांट के ट्रांसपोर्टरों ने बृहस्पतिवार को हड़ताल शुरू कर दी। कम बिलिंग से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने सुबह छह बजे से चक्का जाम कर दिया। अमौसी प्लांट में करीब 132 वाहन लगे हुए हैं। एक वाहन पर 346 सिलिंडर आते हैं। इस हिसाब से 62 गैस एजेंसियों तक 45,672 सिलिंडर नहीं पहुंच सके। इंडियन ऑयल ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कानपुर और गोरखपुर से सिलिंडर भेजे हैं।
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हड़ताली ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि तीन वर्ष पहले टेंडर के दौरान प्रतिमाह 2.45 लाख रुपये का काम मिलने का वादा था। वर्तमान में उन्हें केवल सवा लाख रुपये तक का ही काम मिल पा रहा है। कम आय से चालक का वेतन, डीजल और वाहन के अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार पहले अमौसी प्लांट से लखनऊ के साथ आसपास के कई जिलों को सिलिंडर भेजे जाते थे। इससे वाहनों को पर्याप्त काम मिल जाता था।
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अब प्लांट से दूसरे जिलों की लोडिंग बंद कर दी गई है। इससे तीन से चार दिन बाद एक लोडिंग मिल पाती है। कई ट्रांसपोर्टर वाहनों की मासिक किस्त भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों को एजेंसी पर सिलिंडर खाली कराने में भी परेशानी होती है। कई बार वाहन दो-दो दिन तक खाली नहीं किए जाते। इस दौरान वाहन वहीं खड़ा रहता है जिससे ट्रांसपोर्टरों को अतिरिक्त नुकसान होता है।
दोपहर में प्लांट मैनेजर जेपी सिंह से बातचीत हुई लेकिन वह बेनतीजा रही। ट्रांसपोर्टर राजू यादव, प्रमोद वर्मा, विकास तिवारी और मान सिंह ने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे सिलिंडरों की उठान शुरू नहीं करेंगे। शुक्रवार को वार्ता में बात नहीं बनी तो अगले एक-दो दिन में गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
राज्य प्रमुख इंडियन ऑयल संजय भंडारी का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों को बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे वार्ता के लिए बुलाया गया था लेकिन वे नहीं आए। शुक्रवार को ट्रांसपोर्टरों को फिर बुलाया गया है। जिन डिस्ट्रीब्यूटर के पास अपनी गाड़ियां हैं उन्हें प्लांट से सिलिंडर की लोडिंग करा दी गई है। जो एजेंसियां ट्रांसपोर्टरों के भरोसे हैं उन्हें कानपुर और गोरखपुर से उनकी मांग के मुताबिक सिलिंडरों की आपूर्ति दी गई है। आम जनता को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।