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UP: प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 में आगे कार्यवाही पर दो फरवरी तक बढ़ी रोक; हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा..
Mon, 19 Jan 2026 01:28 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:28 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 मामले में आगे की कार्यवाही पर लगी रोक दो फरवरी तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय देते हुए अगली सुनवाई की तिथि भी तय की है।
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शिक्षक सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन -3 मामले में आगे किसी कार्यवाही पर 19 जनवरी तक लगी रोक, दो फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है। साथ ही मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय दिया है।
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याची शिक्षकों की अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह परिहार ने बताया कि कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो फरवरी को नियत करके अंतरिम आदेश दिया कि मामले की इस अगली सुनवाई की तिथि तक बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर, समायोजन -3 मामले में आगे कोई कार्यवाही नहीं करेंगें।
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कोर्ट ने कहा कि इस अंतरिम आदेश की राहत, इस याचिका के साथ संबद्ध अन्य याचिकाओं के याची शिक्षकों को भी उपलब्ध होगी। कोर्ट ने यह आदेश प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण - 3 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया।
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न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश बाराबंकी की संगीता पाल समेत 29 प्राथमिक शिक्षकों की याचिका पर दिया। याचिकाओं में 14 नवंबर 2025 के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण के शासनादेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है।
याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच जी एस परिहार का कहना था कि यह शासनादेश आर टी ई अधिनियम समेत बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन करने वाला है। इसके नियम 21 के तहत शिक्षक की सहमति के बाहर समायोजित न किए जाने की दलील दी।
कहा इस समायोजन से जहां शिक्षकों की वरिष्ठता पर असर पड़ रहा है, वहीं निर्धारित छात्र- शिक्षक अनुपात प्रभावित होने जैसी अन्य विसंगतियां भी पैदा हो रही हैं। उधर, मामले में राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पेश हुए। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक याचियों को मामले में मिली अंतरिम राहत बढ़ा दी है।साथ ही राज्य सरकार को मामले में जवाब पेश करने का समय दिया है।