यूपी: रायबरेली से सपा ने बनाया चुनावी माहौल, गांधी परिवार के गढ़ में अखिलेश ने दिए गठबंधन के संकेत
Akhilesh Yadav visit to Raebareli: सपा प्रमुख से गठबंधन के मुद्दे पर मंच से ही कहा कि विधानसभा चुनाव हम जीतने जा रहे हैं। पहली बार उन्होंने किसी सभा में हम शब्द का प्रयोग किया।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव का दौरा बृहस्पतिवार को कई मायने में अलग रहा। समर्थकों की ऐसी भीड़ दिखी जो इससे पहले कभी नहीं दिखी। ऐसा जोश जैसे कि चुनावी जनसभा में अखिलेश आ रहे हों। वहीं सपाइयों ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने होमवर्क की झलक को दिखा दिया। सबसे खास बात यह रही कि अखिलेश यादव ने मंच से कांग्रेस से गठबंधन के साफ संकेत भी दे दिए। उन्होंने कांग्रेस का नाम नहीं लिया लेकिन इशारों में अपनी रणनीति का खुलासा कर दिया।
सपा प्रमुख से गठबंधन के मुद्दे पर मंच से ही कहा कि विधानसभा चुनाव हम जीतने जा रहे हैं। पहली बार उन्होंने किसी सभा में हम शब्द का प्रयोग किया। इसी से संकेत मिल गया कि कांग्रेस और सपा का गठबंधन होगा। इसकी तस्दीक भी अखिलेश ने कर दी। कहा कि सामाजिक न्याय की स्थापना चाहते हैं। इस कारण गठबंधन होगा, हम साथ चलेंगे। जीतने वाली सीटें गठबंधन तय करेगा। बात सीट की नहीं, जीत की होगी। असल में नौ सितंबर को जब राहुल गांधी दिशा की बैठक में भाग लेने आए थे तो सपा के कई प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इससे साफ होने लगा था कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा की केमिस्ट्री मेल खाने वाली है।
सामान्य नागरिक संहिता के मुद्दे को भी अखिलेश ने मंच से उठाया कि चुनाव आते ही भाजपा इस मुद्दे को उठाने लगी है। जबकि जरूरी है कि समाज में एकरूपता हो। किसी के साथ कोई भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि हम संविधान की रक्षा कर रहे हैं। भाजपा चुनाव जीतने के लिए धर्म को मुद्दा बनाती है लेकिन लोग अब इनके झांसे में नहींं आने वाले हैं।
बिना नोटिस दिए गिरा दिए जाते धार्मिक स्थल
अखिलेश ने कहा कि बिना कोई नोटिस दिए धार्मिक स्थलों को भी गिरा दिया जाता है। भाजपा वाले नकली हिंदू हैं जिन्होंने धरती की काशी और सबसे पुरानी जगह पर बुलडोजर चलाकर कितने ही मंदिरों को तोड़ने का काम किया है। हमारी राजमाता के नाम का भी घाट तोड़ दिया गया। न केवल घाट तोड़ा बल्कि नफरत फैलाने के लिए समाज में झगड़ा हो जाए, उसके लिए मंदिर को गिराने का काम किया गया। यह लोग भाईचारे को खत्म करना चाहते हैं। हम न केवल भाईचारा बढ़ाना चाहते हैं, बल्कि एक दूसरे के प्रति लगाव बढ़े और देश को मजबूत बना सकें, इस पर काम कर रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री एआई को समेट नहीं पा रहे हैं। समाजवादियों ने केवल एक ही वीडियो बनाकर धुंआ उठा दिया है। पीडीए के लिए कहते हैं कि हम परिभाषा बदल देतें है। जबकि पीडीएम पिछड़ों, बाबा साहब आंबेडकर के संविधान के साथ है। कहा जो अंडरग्राउंड लोग हैं वह भी जब जनता जुड़ती है तो जुड़ना शुरू हो जाते हैं।
अखिलेश के स्वागत में सपाइयों का उमड़ा हुजूम, हाईवे जाम से कराहा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के स्वागत में सपाइयों का हुजूम सड़क पर टूट पड़ा। कोई ऐसी जगह नहीं बची, जहां सपा कार्यकर्ता की मौजूदगी न हो। हाल यह रहा कि लखनऊ प्रयागराज हाईवे जाम से कराह उठा। स्वागत के दौरान सड़क पर पैर रखने की जगह नहीं बची। पीडीए रथ पर सवार अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं के जोश को देख खासे गदगद नजर आए। वहीं हाईवे किनारे लगी भीड़ का अभिवादन स्वीकार किया।
लखनऊ से बृहस्पतिवार को जब अखिलेश यादव का काफिला दोपहर 12:30 बजे चुरुवा पहुंचा तो टोल प्लाजा पर उनका पीडीए रथ खड़ा रहा। अखिलेश रथ पर चढ़े तो जय अखिलेश तय अखिलेश के नारों से सपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। हाल यह रहा कि रथ के पहिए दो कदम चलकर रुकते दिखे। भीड़ इतनी कि जिधर नजर दौड़ाई गई, उधर केवल लाल टोपी पहने सपा कार्यकर्ता नजर आए। सपा प्रमुख अपने कार्यकर्ताओं की इतनी भारी संख्या में मौजूदगी देखकर एकबारगी भावुक से हो गए। उन्होंने हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर भीड़ का अभिवादन किया। रथ की छत पर जैसे ही अखिलेश आए, भीड़ के शोर की गूंज हर आवाज को दबाती महसूस की गई। हाल यह रहा कि तीन किमी दूर चुरुवा पीपलेश्वर हनुमान मंदिर तक पहुंचने में अखिलेश को डेढ़ घंटे लग गए।
उमड़ा अपार जनसमूह
इतनी भीड़ रही कि अखिलेश मंदिर के भीतर नहीं जा सके। ऐसे में उन्होंने डियोढ़ी पर माथा टेका। मंदिर के पुजारी से भेंट की। इसके बाद दोपहर 2:30 रथ बछरावां चौराहा पहुंचा, इस दौरान हाईवे की दोनों लेन पर वाहनों का काफिला नजर आया। करीब आठ किमी का लंबा जाम लगा रहा। रथ इसके बाद हरचंदपुर दोपहर करीब 2:50 बजे पहुंचा और इस बीच बारिश होने लगी लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश थमने का नाम नहीं ले रहा था। तेज बारिश के बीच सपाई जय अखिलेश तय अखिलेश के नारे लगाते दिखे।
बारिश के कारण अखिलेश को रथ के अंदर बैठना पड़ा और वह हाथ हिलाकर सड़क किनारे खड़े लोगों का अभिवादन करते रहे। शाम करीब चार बजे त्रिपुला चौराहा पर रथ पहुंचा तो ढोल के बीच रथ का स्वागत किया गया। अखिलेश रथ की छत पर आए और हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बना। शाम
4:30 बजे वह रतापुर पहुंचे। इसके बाद 4:45 बजे रथ सारस मोटल पहुंचा और वहां पर सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद शाम 5:30 बजे जीआईसी मैदान जैसे ही रथ पहुंचा, अखिलेश के समर्थन में नारे लगाए गए। भीड़ इतनी रही कि पुलिस प्रशासन के सारे इंतजाम फेल हो गए।
जाम से आधा घंटा फंसी रही एंबुलेंस
रतापुर चौराहा पर अखिलेश का रथ जब निकल रहा था तो सड़क पर भारी भीड़ थी, इस कारण एंबुलेंस फंस गई। किसी तरह पुलिस ने बीच में पड़कर एबुलेंस को रास्ता बनाया। हालांकि सपा कार्यकर्ताओं ने भी एंबुलेंस का रास्ता खोलने में मदद की।
भीड़ में दो कार्यकर्ताओं की जेब से पार हो गए रुपये
रतापुर चौराहा पर स्वागत करने आए सपा कार्यकर्ता सनेही गांव निवासी शिवेंद्र प्रताप सिंह कि जेब से 20 हजार 500 रुपये किसी ने पार कर दिए। इसी तरह नितिन दीप सिंह की जेब से आईडी कार्ड और 1500 रुपये निकल गए। दोनों लोगों ने मिल एरिया थाने में शिकायत की है।