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यूपी: शिवपाल यादव के करीबी थामेंगे कांग्रेस का हाथ, सपा में तवज्जो नहीं मिलने का लगाया आरोप
Wed, 27 Sep 2023 10:23 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 27 Sep 2023 10:23 AM IST
सार
प्रसपा के सपा में विलय के बाद जो नेता सोच रहे थे कि उन्हें भी समायोजित कर लिया जाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिवपाल सिंह यादव को राष्ट्रीय महासचिव पद से नवाजा, लेकिन अन्य लोगों को किनारे कर दिया।
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शिवपाल सिंह यादव।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव के करीबी दिनेश सिंह सहित तमाम सपा नेता तीन अक्तूबर को कांग्रेस का हाथ थामने जा रहे हैं। तीन को कांग्रेस कार्यालय में होने वाले समारोह में पूरब से पश्चिम तक के तमाम नेता कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। इन नेताओं का आरोप है कि उन्हें सपा में तवज्जो नहीं मिल रही है।
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मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव जीतने के बाद प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी का सपा में विलय कर दिया। उम्मीद थी कि प्रसपा के सभी नेताओं को सपा में समायोजित कर लिया जाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिवपाल सिंह यादव को राष्ट्रीय महासचिव पद से नवाजा, लेकिन अन्य लोगों को किनारे कर दिया। यही वजह है कि पार्टी के प्रदेश प्रमुख महासचिव अजय त्रिपाठी मुन्ना ने तमाम लोगों को साथ लेकर भाजपा का दामन थाम लिया।
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इसके बाद भी शिवपाल सिंह के खास चेहरे इंतजार करते रहे। तमाम प्रयास के बाद भी अभी तक प्रसपा के लोगों का सपा में समायोजन नहीं हो सका है। ऐसे में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और प्रसपा छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह अपनी पूरी टीम के साथ कांग्रेस का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन अक्तूबर को कांग्रेस कार्यालय में आयोजित समारोह में वह समर्थकों के साथ सदस्यता लेंगे।
इस दौरान प्रसपा और सपा में लंबे समय तक काम कर चुके कई जिला पंचायत सदस्य, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख एवं छात्र नेता भी कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। दिनेश का आरोप है कि प्रसपा और सपा का विलय होने के बाद शिवपाल सिंह यादव को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया, लेकिन अन्य पदाधिकारियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। आम आदमी के हितों की लड़ाई कांग्रेस की लड़ रही है। ऐसे में कांग्रेस के साथ जाकर जनता की आवाज बुलंद की जाएगी।