फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Shah started the 2024 election campaign with the fortification of Purvanchal

UP : पूर्वांचल की किलेबंदी से शाह ने किया 2024 के चुनावी अभियान का आगाज, सपा के गढ़ में भाजपा की हुंकार

Sat, 08 Apr 2023 12:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 08 Apr 2023 12:28 AM IST
सार

शाह ने कौशांबी और आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनावी हुंकार भरते हुए सपा, बसपा और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में विलंब के लिए जिम्मेदार ठहराया।

विज्ञापन
UP: Shah started the 2024 election campaign with the fortification of Purvanchal
कौशांबी महोत्सव को संबोधित करते गृहमंत्री अमित शाह। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र की किलेबंदी से लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। शाह ने कौशांबी और आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनावी हुंकार भरते हुए सपा, बसपा और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में विलंब के लिए जिम्मेदार ठहराया। शाह ने साफ संदेश दिया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा विकास के साथ राष्ट्रवाद को भी हथियार बनाएगी। नगरीय निकाय चुनाव के जरिए लोकसभा चुनाव की जमीन तैयार करने के लिए शुक्रवार को कौशांबी महोत्सव में भाजपा सरकार और संगठन पूरी ताकत के साथ एक मंच पर नजर आए।

विज्ञापन


कौशांबी जिले का राजनीतिक समीकरण कुछ इस तरह का है कि उसे किसी भी राजनीतिक दल का परंपरागत क्षेत्र नहीं कहा जा सकता है। कौशांबी के मतदाताओं ने समय और परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेते हुए समय-समय पर तख्ता पलट किया है। लिहाजा सभी राजनीतिक दलों के रणनीतिकार कौशांबी को आसान सीट मानने की गलती नहीं करते हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के विनोद सोनकर ने भले ही 49 हजार वोट से चुनाव जीता था।
विज्ञापन


लेकिन, उसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में कौशांबी में भाजपा का पूरी तरह सफाया हो गया है। यहां तक कि भाजपा के तेजतर्रार नेता व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी सिराथू से चुनाव हार गए। कौशांबी जिले की चायल से सपा की पूजा पाल, सिराथू से सपा की पल्लवी पटेल और मंझनपुर (सुरक्षित) सीट से सपा के इंद्रजीत सरोज विधायक हैं। वहीं आजमगढ़ को भी सपा का परंपरागत सीट माना जाता है। हालांकि 2022 में भाजपा ने आजमगढ़ में उप चुनाव जीता था, लेकिन सामाजिक समीकरण के हिसाब से सपा का गढ़ भेदना आसान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी में अपने पहले राजनीतिक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने कौशांबी और आजमगढ़ को यूं ही नहीं चुना है। विकास की दृष्टि से पिछड़े कौशांबी में पिछड़े, अति पिछड़े और दलित वोट बैंक का प्रभुत्व है। वहीं आजमगढ़ में सपा के परंपरागत मुस्लिम और यावद वोट बैंक का दबदबा है। आगामी लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा ने मिशन 80 के तहत सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है।

यूपी के चप्पे चप्पे की राजनीति से भलीभांति वाकिफ शाह जानते हैं कि इस लक्ष्य को प्राप्त करना आसान नहीं है। खासतौर पर क्षेत्र के पिछड़े और दलित बहुल इलाकों को साधे बिना मिशन को पूरा नहीं किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए पार्टी के लिए एक एक सीट का महत्व है। तय रणनीति के तहत कौशांबी और आजमगढ़ से शाह के चुनावी अभियान का आगाज कराया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह सहित पूरी सरकार और संगठन की मौजूदगी में शाह ने चुनाव एजेंडा जनता के बीच रखा।

मोदी को तीसरी बार पीएम बनाने का लिया भरोसा
कौशांबी की धरती पर शाह ने वीरांगना दुर्गा भाभी, भगवान राम और सम्राट अशोक का जिक्र करते हुए लोकसभा चुनाव 2014, विधानसभा चुनाव 2017, लोकसभा चुनाव 2019 और विधानसभा चुनाव 2022 में विपक्षी दलों के तमाम गठबंधन के बावजूद भाजपा को मिली एकतरफा जीत के लिए जनता का आभार जताया। शाह ने 2024 के लिए कौशांबी की जनता का मन भांपने के लिए सवाल किया कि, आगामी लोकसभा चुनाव में क्या करेंगे, जनता ने मोदी मोदी के नारे लगाए तो शाह ने यूपी का महत्व बताते हुए कहा कि कौशांबी से निकली यह आवाज पूरे देश में मोदी को फिर से पीएम बनाने का संदेश देगी।

राष्ट्रवाद को धार दी
अमित शाह ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर राममंदिर के निर्माण को कांग्रेस लटका रही, सपा भटका रही थी और बसपा अटका रही थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जन्म भूमि पर मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा, बसपा और कांग्रेस नहीं चाहते थे कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त हो, लेकिन मोदी ने एक कलम से उसे समाप्त कर स्पष्ट कर दिया कि कश्मीर हमारा है।

आजमगढ़ का भी बड़ा महत्व, कब्जा बनाए रखने की रणनीति
अमित शाह और सीएम योगी ने आजमगढ़ में भी विकास परियोजनाओं की सौगात थी। आजमगढ़ को सपा का गढ़ माना जाता है। हालांकि 2022 में हुए उप चुनाव में वहां भाजपा ने जीत दर्ज की थी। लेकिन उस समय बसपा की ओर से मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारने से सपा को झटका लगा था। वहीं भाजपा को सत्तारुढ़ दल होने का फायदा भी मिला था। आजमगढ़ में 2024 में भी कब्जा जमाने के लिए भाजपा ने अमित शाह के जरिए वहां भी चुनावी तैयारी का आगाज कराया। सरकार और संगठन का हर संभव प्रयास है कि 2024 में भी आजमगढ़ में कब्जा बरकरार रहे।


बुंदेलखंड और पूर्वांचल पर फोकस
अमित शाह ने पूर्वांचल और बुंदेलखंड पर फोकस का संकेत देते हुए कहा कि दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं से लोकसभा चुनाव में प्रत्येक सीट पर कमल खिलाकर नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने की अपील की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed