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UP: जमीन हड़पने वाले फिरोजाबाद के एसडीएम और तहसीलदार निलंबित, संपत्ति की जांच कराने का भी आदेश
Thu, 11 Jul 2024 12:51 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 11 Jul 2024 12:51 AM IST
सार
सभी पर मुकदमा दर्ज करने के साथ विजिलेंस द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच के भी आदेश दिए हैं। निलंबित किए गए सभी अधिकारियों पर संदिग्ध आदेश जारी करके भूमि अपने संबंधियों को दिलाने का आरोप है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : ANI
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विस्तार
जमीन हड़पने व कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के सीएम योगी के निर्देशों का असर दिखने लगा है। शासन ने फिरोजाबाद में करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले में बुधवार को सिरसागंज के एसडीएम विवेक राजपूत, नायब तहसीलदार नवीन कुमार, राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह, लेखपाल अभिलाष सिंह और एसडीएम के पेशकार प्रमोद शाक्य को निलंबित कर दिया।
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इन सभी पर मुकदमा दर्ज करने के साथ विजिलेंस द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच के भी आदेश दिए हैं। निलंबित किए गए सभी अधिकारियों पर संदिग्ध आदेश जारी करके भूमि अपने संबंधियों को दिलाने का आरोप है।
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बता दें कि सिरसागंज के गांव रुधैनी के योगेंद्र ने डीएम के यहां शिकायत की थी। इसके मुताबिक उसका 75 बीघा जमीन का विवाद तहसीलदार सिरसागंज के यहां चल रहा था। 12 जून 2024 को नकल सवाल डालने पर उसे पता चला कि तहसील से दूसरे पक्ष के हक में सात जून को ही फैसला हो चुका है।
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दूसरे पक्ष के लोगों के नाम फर्द में अंकित करने के साथ 12 जून को करोड़ों रुपये की 75 बीघा जमीन का आठ अलग-अलग नामों से बैनामा भी कर दिया गया। इसमें एसडीएम सिरसागंज, नायब तहसीलदार, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और पेशकार की मिलीभगत है। इसके बाद सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित हुई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए। जिसके बाद शासन की तरफ से कार्रवाई की गई है।