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यूपी: प्रदेश में बढ़ेगा छात्रवृति मिलने का दायरा, दोगुनी की जाएगी परिवार की आयसीमा, अतिरिक्त दस लाख को फायदा
Sat, 04 Apr 2026 10:30 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 04 Apr 2026 10:30 PM IST
सार
Scholarship in UP: यूपी में छात्रों को मिलने वाली छात्रवृति का दायरा बढ़ाया जाएगा। छात्रवृति मिलने वाले परिवार की आयसीमा दोगुनी की जा रही है।
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छात्रवृति।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
प्रदेश में छात्रवृत्ति के लिए आयसीमा दोगुनी किए जाने पर करीब-करीब सहमति बन चुकी है। एससी व एसटी छात्रों के लिए यह केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित आयसीमा के बराबर होगी, जिसके इस बार बढ़कर 5 लाख रुपये होने की उम्मीद है। वहीं सामान्य, पिछड़े व अल्पसंख्यक छात्रों के लिए चार लाख रुपये सालाना आयसीमा होने की पूरी संभावना है। इससे करीब 10 लाख और छात्र लाभांवित होंगे।
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सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 67 लाख विद्यार्थियों को 4800 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई थी। एससी-एसटी छात्रों के लिए उनकी परिवार की आय ढाई लाख रुपये सालाना और अन्य वर्गों के लिए दो लाख रुपये सालाना होने पर योजना का लाभ दिया जाता है। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार वर्ष 2031 तक के लिए अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों के लिए आयसीमा पांच लाख रुपये करने जा रही है।
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यहां बता दें कि एससी-एसटी छात्रों के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य का होता है। इसलिए राज्य सरकार प्रदेश में एससी-एसटी छात्रों के लिए वही आयसीमा तय कर देती है, जो केंद्र के स्तर से निर्धारित होती है। शेष वर्गों के लिए राज्य सरकार अपने संसाधनों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना का लाभ देती है।
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चुनावी वर्ष में अन्य वर्गों के लिए भी छात्रवृत्ति की आयसीमा बढ़ना तय मानी जा रही है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आयसीमा बढ़ने पर योजना का लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 75-80 लाख होने की संभावना है।