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Amar Ujala Samwad: 'संवाद' में शामिल होंगे पूर्व सीएम अखिलेश यादव, देश और प्रदेश की राजनीति पर करेंगे बात
Tue, 19 May 2026 07:26 AM IST
Akash Dubey
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Akash Dubey
Updated Tue, 19 May 2026 07:26 AM IST
सार
राजधानी लखनऊ आगामी 18 और 19 मई को देश के चर्चित चेहरों, विचारों और विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। 78 वर्षों का गौरवशाली इतिहास समेटे और स्वर्णिम शताब्दी की ओर तेजी से बढ़ रहे अमर उजाला समूह का महाआयोजन ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ राजधानी में सजने जा रहा है। राजधानी के होटल द सेंट्रम में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय कार्यक्रम में राजनीति, अध्यात्म, उद्योग, सिनेमा, खेल और समाज के बड़े चेहरे जनता से सीधे संवाद करेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी अपने विचार रखेंगे।
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UP Samwad 2026
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
78 वर्षों की विश्वसनीय पत्रकारिता के साथ स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहा अमर उजाला समूह राजधानी लखनऊ के होटल द सेंट्रम में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' का आयोजन करने जा रहा है। 18 और 19 मई को होने जा रहे इस कार्यक्रम में मंच पर सत्ता पक्ष होगा तो विपक्ष की आवाज भी होगी। फिल्मों की चमक होगी तो जमीन से जुड़ी राजनीति का अनुभव अनुभव भी। यही इस संवाद की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां से निकले विचारों से देश को एक नई दिशा और नया दृष्टिकोण मिलेगा। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल होंगे। आइए कार्यक्रम से पहले उनके बारे में जानते हैं।
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था, उसी सैफई में जो यादव परिवार का गढ़ है। अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को हुआ। उनकी मां का नाम मालती देवी था। अखिलेश यादव ने अपनी पढ़ाई राजस्थान के धौलपुर में स्थित सैन्य स्कूल से पूरी की थी।
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अपने सैन्य स्कूल में जाने की बात को अखिलेश यादव बड़े गर्व से दुनिया को बताते हैं और अपने जीवन में अनुशासन के लिए वो सैनिक स्कूल के माहौल को ही वजह भी बताते हैं। धौलपुर के सैनिक स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद अखिलेश यादव उच्च शिक्षा के लिए मैसूर और फिर ऑस्ट्रेलिया में यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी चले गए। अखिलेश यादव ने सिविल इन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग मास्टर डिग्री हासिल की है।
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1999 में डिंपल यादव से हुई शादी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव के राजनीति में आने से पहले उनका विवाह हो गया था। 24 नवंबर 1999 को उन्होंने डिंपल यादव से शादी की और बाद में उनके तीन बच्चे भी हुए। आज उनकी पत्नी डिंपल यादव भी राजनीति के क्षेत्र में हैं और सांसद के तौर पर लोकसभा में समाजवादी पार्टी का पक्ष रखती हैं।
उपचुनाव में जीत के साथ सियासी आगाज
शादी के बाद अखिलेश यादव ने राजनीति में प्रवेश किया। उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से शुरू होती है, जहां साल 2000 में हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और फिर लोकसभा में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण कमेटी के सदस्य भी बने। साल 2004 तक 13वीं लोकसभा के सदस्य रहे अखिलेश यादव ने बतौर सांसद आचार समिति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वन एवं पर्यावरण कमेटी के सदस्य की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद अखिलेश यादव का लोकसभा पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा, साल 2004 और 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर अखिलेश यादव फिर से लोकसभा पहुंचे। इस दौरान कई संसदीय कमेटियों में अखिलेश यादव बतौर सदस्य काफी सक्रिय रहे और राजनीति के ककहरे को भी सीखते रहे। इनमें से एक खास कमेटी जिसके अखिलेश यादव सदस्य रहे वो थी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए गठित हुई जेपीसी।
2012 में उत्तर प्रदेश के 20वें मुख्यमंत्री बने
2012 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अखिलेश यादव ने इस दौरान साइकिल यात्राएं निकालीं, कार्यकर्ताओं के बीच रहे, समाजवादी पार्टी के रथों से पार्टी के पक्ष में प्रचार किया और उसका परिणाम ये रहा कि समाजवादी पार्टी को इस विधानसभा चुनाव में बेहतरीन जीत हासिल हुई। इस जीत के बाद अखिलेश यादव को ही समाजवादी पार्टी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद को संभालने की जिम्मेदारी दी। साल 2012 में उत्तर प्रदेश के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री रहे। जब अखिलेश यादव ने देश के सबसे बड़े सूबे की जिम्मेदारी संभाली थी तब उनकी उम्र सिर्फ 38 साल थी।
पांच साल तक उत्तर प्रदेश की सरकार संभालने वाले अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश को उस वक्त देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे, राजधानी लखनऊ को मेट्रो की सुविधा, ग्रामीणों के लिए लोहिया आवास और छात्रों के लिए लैपटॉप बांटने जैसी कई योजनाओं की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सहायता राशि के जरिए लोगों की स्वास्थ्य के क्षेत्र में अखिलेश यादव ने खूब मदद की।