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यूपी: ई वाहनों की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड, तीन साल साल में आठ गुना बढ़ी मांग, बढ़ाए जाएंगे चार्जिंग स्टेशन
Wed, 08 Nov 2023 07:01 AM IST
रोहित मिश्र
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 08 Nov 2023 07:01 AM IST
सार
महंगे पेट्रोल व डीजल के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को देखा जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के मुरीद दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद पेट्रोल व डीजल वाहनों की बिक्री पर खास असर नहीं पड़ा है।
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ई-वाहन चार्जिंग प्वाइंट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में ई वाहनों की मांग जेट की रफ्तार से भाग रही है। वर्ष 2020 में केवल 31 हजार ई वाहन बिके थे। वहीं, वर्ष 2023 के 10 महीने में ही 2.25 लाख ई वाहन बिक चुके हैं। इसी तरह हाइब्रिड वाहनों की मांग भी सात हजार से बढ़कर 28 हजार हो गई है। ई वाहनों ने पेट्रोल व एलपीजी के हाइब्रिड वाहनों को जोर का झटका दिया है। तीन साल में इनकी बिक्री दस फीसदी भी नहीं बची है।
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महंगे पेट्रोल व डीजल के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को देखा जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के मुरीद दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद पेट्रोल व डीजल वाहनों की बिक्री पर खास असर नहीं पड़ा है। सीएनजी वाहनों की बिक्री का ग्राफ भी ऊपर चढ़ा है लेकिन एलपीजी और अन्य हाइब्रिड मॉडलों की बिक्री की हिस्सेदारी ई वाहनों ने छीन ली है।
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वाहन निर्माता कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों की बिक्री में कोई कमी न आने के बावजूद ई वाहनों की मांग में अप्रत्याशित तेजी से साफ है कि चार पहिया वाहनों का नया तबका बाजार में आ गया है। ये तबका मध्यम वर्गीय है जिसके पास बाइक और स्कूटी है। दोपहिया वाहनों के मेंटेनेंस खर्च से भी कम पर चार पहिया ई वाहन इस वर्ग को सबसे ज्यादा रास आ रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में युवाओं का रुझान भी ई वाहनों की तरफ बढ़ा है। इसकी एक वजह ई वाहन बाजार में वैरायटी, तकनीक और डिजायन में आमूल-चूल बदलाव भी है। वाहन बाजार के लिए इसे अच्छा संकेत माना जा रहा है क्योंकि महज तीन साल में ई वाहनों की बिक्री करीब दस गुना बढ़ गई है।
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यूपी में जबर्दस्त ग्रोथ को देखते हुए वाहन कंपनियों का फोकस ज्यादा से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग की व्यवस्था को अमल में लाने की है। उनके मुताबिक ई वाहनों की चार्जिंग सुविधाएं बढ़ने से अगले तीन साल में इनकी मांग 30 गुना तक बढ़ेगी और पहली बार इनकी बिक्री पेट्रोल और डीजल वाहनों से आगे निकल जाएगी।
वाहनों की बिक्री का ग्राफ-
वाहन टाइप वर्ष 2023 वर्ष 2022 वर्ष 2021 वर्ष 2020
ई वाहन 2.25 लाख 1.63 लाख, 67,000, 31,000
पेट्रोल/हाइब्रिड 25,000, 18,000, 12,000, 7,000
पेट्रोल/एलपीजी 215 390 2480 4,000
पेट्रोल/एथेनॉल 8,600 , 00 00 00
डीजल 2.44 लाख, 2.68 लाख, 2.49 लाख, 2.60 लाख
पेट्रोल 21 लाख, 25 लाख, 23 लाख, 23 लाख