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UP: हाईकोर्ट से ईडी जांच मामले में सहारा ग्रुप को लगा कानूनी झटका, खारिज की गई याचिका

Thu, 23 Oct 2025 09:10 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 23 Oct 2025 09:10 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने सहारा ग्रुप के मामले में कहा कि धनशोधन निरोधक अधिनियम के तहत ईडी की जांच वैध है और इसकी कार्यवाही की जा सकती है। सहारा की सहकारी समितियों ने जुलाई 2024 में ईडी द्वारा की गई तलाशी व जप्तीकरण की कार्यवाहियों को चुनौती दी थी। 

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UP: Sahara Group suffers legal setback in ED probe case, petition dismissed by High Court
- फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच मामले में सहारा ग्रुप को हाईकोर्ट से कानूनी झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सहारा की चार सहकारी समितियों द्वारा दाखिल याचिका में दखल देने से इन्कार कर इसे खारिज कर दिया है। याचिका में ईडी द्वारा धनशोधन निरोधक अधिनियम के तहत सहारा के खिलाफ चल रही जांच की कार्यवाही को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि धनशोधन निरोधक अधिनियम के तहत ईडी की जांच वैध है और इसकी कार्यवाही की जा सकती है।

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न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह फैसला हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लि., सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लि., स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी लि. एवं सहारा यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसाइटी लि. द्वारा दाखिल याचिकाओं पर दिया।
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सहारा की इन सहकारी समितियों ने जुलाई 2024 में ईडी द्वारा की गई तलाशी व जप्तीकरण की कार्यवाहियों को चुनौती दी थी। कोर्ट ने ईडी की इस आपत्ति को खारिज कर दिया कि मामला लखनऊ पीठ में होने का क्षेत्राधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि समितियों का मुख्यालय लखनऊ में है, वहीं महत्वपूर्ण रिकार्ड जब्त किए गए।

ऐसे में यहां अहम आंशिक वादकारण होने की वजह से लखनऊ पीठ को केस की सुनवाई करने का प्राधिकार है। कोर्ट ने फैसले में कहा कि कानूनी अंतर्निहित शक्तियों के तहत, याचियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत कार्यवाहियों में दखल देने का आधार नहीं है। इसके मद्देनजर, याचिका खारिज की जाती है।

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