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2024 से यूपी को उम्मीदें: पांच औद्योगिक कॉरिडोर से होगा नए साल का आगाज, शुरू होंगे 14 नए मेडिकल कॉलेज

Mon, 01 Jan 2024 08:02 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 01 Jan 2024 08:02 AM IST
सार

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे पांच जगह 1586 हेक्टेयर भूमि पर 2300 करोड़ की लागत से और गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 1522 हेक्टेयर भूमि पर 2300 करोड़ से औद्योगिक कॉरिडोर बनेंगे।

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UP's expectations from 2024: New year will start with five industrial corridors
एक्सप्रेस वे का सांकेतिक चित्र - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नया साल प्रदेश के लिए तरक्की की नई सौगात लेकर आएगा। एक तरफ फरवरी में भूमि पूजन समारोह के साथ कम से कम 10 लाख करोड़ के औद्योगिक करार धरातल पर उतरेंगे तो दूसरी तरफ पांच एक्सप्रेसवे के किनारे स्थापित होने वाले औद्योगिक कॉरिडोर मूर्त रूप लेंगे। वर्ष 2023 में वैश्विक निवेशक सम्मेलन से लेकर दिसंबर तक करीब 39 लाख करोड़ रुपये के 20 हजार के हुए समझौतों को नए साल में जमीन पर उतारने की शुरुआत होगी।

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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे पांच जगह 1586 हेक्टेयर भूमि पर 2300 करोड़ की लागत से और गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 1522 हेक्टेयर भूमि पर 2300 करोड़ से औद्योगिक कॉरिडोर बनेंगे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे 1884 हेक्टेयर जमीन पर 1500 करोड़ और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे 532 हेक्टेयर भूमि पर 650 करोड़ के अलावा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे भी 345 हेक्टेयर जमीन पर 320 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की शुरुआत नए साल में होगी।
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सेहत सुधार के प्रयासों को लगेंगे पंख
नए साल में सेहत सुधार के प्रयासों को पंख लगेंगे। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि नए विशेषज्ञ तैयार करने में सहूलियत मिलेगी। खास बात यह है कि आयुष के आधारभूत बदलाव होने की उम्मीद है। प्रदेश में नए साल में कुछ इस तरह बदलाव देखने को मिलेंगे...
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- 14 नए मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे। इससे एक साथ एमबीबीएस की 1400 सीटें बढ़ जाएंगी। चल रहे मेडिकल कॉलेजों में पीजी की करीब 1500 सीटें बढेंगी।
- सभी मंडलीय राजकीय अस्पतालों में एमआरआई की सुविधा मिलने लगेगी।
- हर मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट की भी स्थापना होगी।
- उप्र. इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। नए साल में यह प्रदेश को फार्मा हब बनाने में मदद करेगा। इस पर करीब 1560 करोड़ रुपया खर्च होंगे।

आयुष में होगा आधारभूत बदलाव
नए साल में वाराणसी में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने के साथ आयुर्वेद कॉलेजों में पंचकर्म प्रशिक्षण सेंटर खुलेंगे। आयुष कॉलजों को संवारने के लिए आयुष महानिदेशालय बनाया जाएगा। प्रदेश में आठ 50 बेड के आयुष अस्पताल भी मिलेंगे।

ऊर्जा क्षेत्र का होगा विस्तार
नए साल में जवाहरपुर और ओबरा में दो नई परियोजनाएं शुरू होने से नए साल की शुरुआत में 1320 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी। दो अन्य परियोजनाएं भी साल के अंत तक तैयार होंगी। इससे 1320 मेगावाट अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन होने लगेगा। इस तरह कुल 2640 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा। अयोध्या में लग रहे 40 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्लांट से नए साल में में करीब 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है।
- अयोध्या, काशी और मथुरा सहित पांच शहरों में सोलर बोट का संचालन होगा। यह पर्यटन विभाग और यूपीनेडा की ओर से संयुक्त रूप से किया जाएगा।
- नए साल में प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन बनने लगेगा। यहां हाइड्रोन से चलने वाली बसें भी चलाई जाएंगी। इसके लिए यूपीनेडा में 20 कंपनियों ने आवेदन किया है।

जेवर एयरपोर्ट की सौगात मिलेगी
प्रदेश की जनता को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर की सौगात भी 2024 में मिल जाएगी। एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण अंतिम दौर में हैं।

प्रोफेशलन कोर्स को मिलेगा बढ़ावा
- व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने नए साल में दो मेगा रेजिडेंशियल आईटीआई शुरू करने की तैयारी की है। इसमें एक साथ 15 हजार छात्रों के दाखिले और कई सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे। 150 आईटीआई के अपग्रेडेशन की प्रक्रिया नए साल में पूरी होगी। इसके बाद आईटीआई में शार्ट टर्म स्किल कोर्स शुरू होंगे। हेक्सागॉन के माध्यम से भी 50 और आईटीआई अपग्रेड किए जाएंगे।
- एकेटीयू नए साल में 100 इन्क्यूबेशन सेंटर खोलेगा। पॉलीटेक्निक संस्थानों में भी इन्क्यूबेशन सेंटर खुलेंगे

नया शिक्षा आयोग लेगा मूर्त रूप, भर्तियों को मिलेगी गति
प्रदेश में उच्च, माध्यमिक, प्राथमिक और सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों में शिक्षकों और अनुदेशकों की भर्ती के लिए उप्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की औपचारिकता पूरी हो चुकी है। आयोग के लिए अध्यक्ष व सदस्यों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हो गया है। नए साल 2024 में यह आयोग पूरी तरह से मूर्त रूप लेगा। इसके बाद 5000 से अधिक पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 व टीजीटी-पीजीटी के 4163 पदों के लिए 2022 में आवेदन लिए गए थे। इन दोनों भर्तियों के लिए लगभग 14 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।


इन पदों पर होंगी भर्तियां
- कृषि प्राविधिक सहायक ग्रुप सी के 3466 पदों, आईटीआई में अनुदेशकों के 2406 पदों, कनिष्ठ सहायक के 5512 पदों, ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468, वन दरोगा के 701 पदों पर भर्ती प्रक्रिया होगी। 2532 पदों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होगी।

बड़े पैमाने पर होगी लेखपालों की भर्ती
- नए साल में 7000 से अधिक नए लेखपालों की भर्ती होगी। जल्द ही इसका प्रस्ताव उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजा जाएगा।
 

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